उत्तराखंड में 'स्मार्ट विलेज' की तैयारी: हर ब्लॉक में बनेंगे 5 मॉडल गाँव, पंचायत भवनों के लिए अब मिलेंगे ₹20 लाख
Preparations for 'Smart Villages' in Uttarakhand
देहरादून। Preparations for 'Smart Villages' in Uttarakhand, त्रिस्तरीय पंचायतों के सशक्तीकरण की दिशा में सरकार कई कदम उठाने जा रही है। इस क्रम में पंचायतों को आय के स्रोत विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही हर ब्लाक में पांच-पांच गांवों को माडल के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। राज्य में कुल 95 ब्लाक हैं।
पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने बुधवार को विधानसभा भवन स्थित सभागार में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 के स्थान पर 20 लाख रुपये की राशि देने संबंधी प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा।
पंचायतीराज मंत्री कौशिक ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की मंशा यही है कि राज्य की सभी 7817 ग्राम पंचायतें सरसब्ज हों। माडल गांव की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा गांव होगा जो सरकार की सभी योजनाओं से आच्छादित होने के साथ ही वहां नागरिक सुविधाएं भी बेहतर से बेहतर हों। माडल गांव की पहल से अन्य गांव भी प्रेरित होंगे। अधिकारियों को गांवों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को गांवों का निरीक्षण कर बिंदुवार प्राथमिकता वाले कार्यों को पूर्ण कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 2000 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं हैं। इनका जल्द निर्माण कराया जाएगा। केंद्र के नए मानकों के अनुरूप प्रत्येक भवन निर्माण को 20 लाख रुपये की राशि देने के दृष्टिगत कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
इससे पहले बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही कार्यों को पारदर्शिता व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में पंचायतीराज विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव, अपर सचिव श्याम सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।