चीन से PM मोदी का ऐलान; भारत-चाइना के बीच सीधी फ्लाइट्स शुरू होंगी, शी जिनपिंग ने कहा- ड्रैगन और हाथी एक साथ आगे आएं

PM Modi And Xi Jinping Meeting During China Visit Breaking News
India-China Direct Flight: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन दौरे पर हैं। वह शनिवार (30 अगस्त) को अपना जापान दौरा खत्म कर चीन पहुंचे थे। पीएम मोदी चीन के तियानजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की मीटिंग में हिस्सा लेने आए हैं। जहां आज पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात हुई है। भारत-चीन द्विपक्षीय बैठक में मोदी-जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट बातचीत हुई। बैठक में भारत और चीन के बीच आपसी साझेदारी व शांति पर ज़ोर दिया गया।
भारत-चाइना के बीच सीधी फ्लाइट्स शुरू होंगी
वहीं शी जिनपिंग के साथ इस बैठक में पीएम मोदी ने भारत-चाइना के बीच सीधी फ्लाइट्स शुरू किए जाने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा, ''भारत-चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर समझौता हुआ है। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है और साथ ही दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू की जा रही हैं। यानि पीएम मोदी ने ऐलान कर दिया है कि भारत-चाइना के बीच सीधी फ्लाइट्स आएंगी और जाएंगी।
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से आगे कहा, ''दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे (भारत-चीन) सहयोग से जुड़े हैं। इससे संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की चीन द्वारा सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई भी दी और चीन यात्रा के निमंत्रण और अपने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने द्विपक्षीय बैठक के लिए भी शी जिनपिंग का आभार जताया।
शी जिनपिंग को भारत आने का दिया न्योता
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता भी दिया है। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत में (Xi Jinping in India) आयोजित ब्रिक्स 2026 में आने के लिए न्योता दिया है। भारत 2026 में 18वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा। इससे पहले 17वां ब्रिक्स समिट ब्राजील में हुआ था। जहां पीएम मोदी भी पहुंचे थे। ज्ञात रहे कि चीनी राष्ट्रपति आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। उस वक्त पीएम मोदी ने चेन्नई में शी जिनपिंग का स्वागत किया था।
शी जिनपिंग ने कहा- ड्रैगन और हाथी एक साथ आगे आएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "चीन और भारत पूर्व की दो प्राचीन सभ्यताएँ हैं। हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं, और हम ग्लोबल साउथ के भी महत्वपूर्ण सदस्य हैं। हम दोनों अपने लोगों की भलाई में सुधार लाने, विकासशील देशों की एकजुटता और कायाकल्प को बढ़ावा देने और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी निभाते हैं।''
शी जिनपिंग ने आगे कहा कि, ''इसलिए दोनों देशों के लिए यह सही विकल्प है कि एक-दूसरे के अच्छे पड़ोसी और दोस्त बनें, उनमें सौहार्दपूर्ण संबंध हों, वे ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहायक हों, और ड्रैगन और हाथी एक साथ आगे आएँ।" बता दें कि, चीन में आयोजित SCO समिट भारत समेत में 20 से ज्यादा देश शामिल हो रहे हैं। मोदी और पुतिन के साथ-साथ सेंट्रल एशिया, मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के नेता भी इस समिट में शामिल होंगे।
PM @narendramodi met President Xi Jinping on the sidelines of the SCO Summit in Tianjin, China.
The two leaders reviewed the progress of ????????-???????? bilateral relations since their meeting in Kazan last year. Stable and amicable ties between India and China are important for our… pic.twitter.com/bP8JRugdjM