Delhi-NCR Earthquake: दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके; राजधानी में ही रहा केंद्र, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके; राजधानी में ही रहा केंद्र, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता, क्यों बार-बार कांप रही धरती?

Delhi-NCR Earthquake Today Breaking National Center for Seismology

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Delhi-NCR Earthquake: भूकंप से एक बार फिर धरती हिल गई है। सोमवार सुबह दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र राजधानी में ही था। भूकंप का असर दिल्ली से सटे हरियाणा और यूपी के इलाकों पर रहा। हालांकि, इस भूकंप से किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। दरअसल, भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा तेज नहीं रही। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) ने रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता की जानकारी दी है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि, सोमवार सुबह 8 बजकर 44 मिनट के आसपास भूकंप आया और हल्के झटके महसूस किए गए। जमीन के अंदर उत्तर दिशा में इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। नॉर्थ दिल्ली भूकंप का केंद्र रहा। वहीं भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 2.8 मापी गई। बता दें कि, 3 तीव्रता तक के भूकंप को निम्नतम सूची में रखा गया है। इतनी तीव्रता के भूकंप का बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं होता है और जान-माल के नुकसान से बचाव रहता है।

भूकंप से बार-बार कांप रही धरती

बता दें कि, भूकंप से बार-बार धरती कांप रही है। पिछले दिनों में भारत के अंदर कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। खासकर उत्तर भारत में भूकंप के हल्के से तेज झटके बार-बार लग चुके हैं। दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा और यूपी, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर तक भूकंप के झटकों से धरती काँप चुकी है। ज्ञात रहे कि भूकंप के मामले में दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल संवेदनशील जोन में है। अगर कभी काफी तेज तीव्रता का भूकंप यहां आता है तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

किस तीव्रता के भूकंप में कितना नुकसान?

2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर धरती में हल्का कंपन होता है। 3 से 3.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर धरती हिलने से हल्के झटके महसूस होते हैं। वहीं 4 से 4.9 की तीव्रता के भूकंप में तेज झटके महसूस किए जाते हैं। इस भूकंप में खिड़कियां टूट सकतीं हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। वहीं 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में घर का सामान तेजी से हिलता हुए दिखता है। तेज झटके महसूस होते हैं।

वहीं 6 से 6.9 तक के भूकंप में इमारतें हिलती हैं, नींव में दरार आ जाती है। इसके अलावा 7 से 7.9 तक के भूकंप में इमारतें गिर जाती हैं, पानी के पाइप फट जाते हैं। 8 से 8.9 के भूकंप (Earthquake) में पल भर में इमारतें गिरती हैं और जमीन फटने लगती है, दीवारें फटती हैं। 9 या इससे ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप आने पर धरती लहर जाती है।

क्यों आता है भूकंप?

बताया जाता है कि, धरती की अंदरूनी संरचना में टैक्‍टोनिक प्लेट्स (सरल भाषा में चट्टानें) मौजूद हैं। ये प्लेट्स लगातार हलचल करती रहती हैं। इस बीच जब यह इधर से उधर खिसकती हैं, टकराती हैं या टूटती हैं तो फिर तेज एनर्जी निकलती है और इससे धरती में कंपन पैदा होता है और इसे ही भूकंप कहते हैं। यानि धरती ऊपर से जितनी शांत है उतनी इसकी अंदरूनी सतह में हलचल चल रही है।

भूकंप आने पर क्या करें?

भूकंप आने के दौरान अगर आप घर या फ्लैट में हैं तो कोशिश करें कि खुली जगह पर आ जाएं। खासकर फ्लैट में मौजूद लोग जल्द से जल्द बाहर जरूर निकलें। क्योंकि फ्लैट की इमारतें काफी ऊंची होती हैं। ऐसे में इनके गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं भूकंप के चलते यदि आप बाहर खुली जगह पर आते हैं तो यहां भी आप यह सुनिक्षित करें कि आप किसी बिल्डिंग, पेड़ और बिजली के तारों या खम्भों के नजदीक तो नहीं है। इनसे दूरी बनाकर रखें। आप बिलकुल खाली जमीन को तलाश कर वहां पहुंच जाएं।