"मेरठ में पीएम मोदी और सीएम योगी की रैली: विकास के इमोशनल मोड से चुनावी संदेश"

"मेरठ में पीएम मोदी और सीएम योगी की रैली: विकास के इमोशनल मोड से चुनावी संदेश"

PM Modi and CM Yogi  rally in Meerut

PM Modi and CM Yogi's rally in Meerut

  1. नमो भारत और मेट्रो के शुभारंभ में भावनात्मक मोड़ के बीच दिखाई देगा चुनावी मोड

  2. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचेंगे, जुटेंगे एक लाख लोग

मेरठ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मेरठ दौरा केवल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भर नहीं, बल्कि 2027 की राजनीतिक बिसात पर पहली सधी हुई चाल है। नमो भारत ट्रेन और मेट्रो परियोजना के शुभारंभ के साथ भाजपा विकास की तेज रफ्तार को चुनावी शंखनाद में बदलने की तैयारी में है। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है कि विकास की दृश्यता के सहारे चुनावी गति बढ़ाई जाए। ये प्रोजेक्ट आंखों से दिखने वाले बदलाव हैं, जिन्हें मंच से सीधे मतदाता तक जोड़ा जाएगा। मेरठ को पश्चिमी उप्र की राजनीतिक राजधानी माना जाता है, यहां से दिया गया संदेश दूर तक जाता है।

मेरठ और आसपास के जिलों में बड़ी परियोजनाएं लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही हैं। अब जब मेट्रो और नमो भारत जैसी परियोजनाएं जमीन पर उतरती दिख रही हैं, भाजपा इसे डबल इंजन सरकार की सफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रही है। दावा है कि बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, उद्योग और रियल एस्टेट को नई गति मिलेगी। जटिल सामाजिक समीकरण में विकास का रसायन आसानी से घुल सकता है।

किसान आंदोलन के बाद बदले सियासी समीकरणों के बीच भाजपा ने जाट केंद्रित राजनीति करने वाली राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन किया। इसके बाद काफी हद तक भाजपा ने सामाजिक समीकरण हल कर लिया। अब भाजपा फिर उसी बात को दोहरा रही है जो कहा करती है कि शिलान्यास के बाद फीता भी वही काटते हैं। प्रधानमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर संबोधन में हाल में ही कहा था कि चुनावी मोड में नहीं इमोशनल में मोड में रहते हैं। यानी विकास का यह इमोशनल मोड अब खुद ही चुनावी मोड में ले जाएगा।

प्रधानमंत्री की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक लाख लोगों को बुलाने का लक्ष्य तय किया गया है। संगठन स्तर पर बूथ और सेक्टर इकाइयों के साथ कई दिन से लगातार बैठक हो रही है। प्रदेश संगठन महामंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इसके लिए वीसी कर रहे हैं। भाजपा इसे चुनावी रैली बनाने में कसर नहीं छोड़ना चाहती। मेरठ से उठने वाला यह संदेश पूरे प्रदेश में प्रसारित करने में भाजपा जुटी है। विकास, राष्ट्रवाद और संगठनात्मक मजबूती के इन तीन स्तंभों पर चुनावी कथा गढ़ी जा रही है।

नेहरू शताब्दीनगर से अटल शताब्दीनगर में स्थानांतरित रैली
लोकसभा चुनाव 2014 के लिए 2013 में पांच फरवरी को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में मेरठ में रैली की थी। वह रैली जिस टाउनशिप में हुई थी उसका नाम है शताब्दीनगर। इसका नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रखा गया था। अब मोहिउद्दीनपुर में जो टाउनशिप विकसित हो रही है उसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी की 2027 से पहले की यह रैली अटल को समर्पित टाउनशिप में स्थानांतरित हो गई है।