यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के नियमों में बड़ी ढील: 10 लाख तक की प्रॉपर्टी पर पैन-आधार की अनिवार्यता होगी खत्म
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यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के नियमों में बड़ी ढील: 10 लाख तक की प्रॉपर्टी पर पैन-आधार की अनिवार्यता होगी खत्म

PAN-Aadhaar requirement for properties up to Rs 10 lakh to be abolished

PAN-Aadhaar requirement for properties up to Rs 10 lakh to be abolished

 लखनऊ। PAN-Aadhaar requirement for properties up to Rs 10 lakh to be abolished, संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए क्रेता-विक्रेता के पैन और आधार नंबर की अनिवार्यता से प्रदेशभर में बड़ी संख्या में संपत्तियों की रजिस्ट्री लटक गईं हैं।

इससे परेशान क्रेता-विक्रेता को राहत देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही 10 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री के मामले में पैन व आधार से सशर्त छूट देने जा रही है।

चूंकि ज्यादातर प्रवासी भारतीयों के पास भी आधार नहीं होता है इसलिए उनके पासपोर्ट को संपत्ति की खरीद-फरोख्त में मान्यता देने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

आज भी बड़ी संख्या में लोगों के पास पैन नहीं है। इनमें गांव से लेकर शहर में रहने वाले ऐसे लोग भी हैं जिनकी कमाई तो ज्यादा नहीं है लेकिन उनके पास पैतृक संपत्ति आदि है। ऐसी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए भी अब पैन अनिवार्य है लेकिन क्रेता-विक्रेता के पास पैन न होने की दशा में रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

व्यवस्था को अंतिम रूप में जुटा विभाग

आधार तो अब ज्यादातर के पास है लेकिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि बायोमेट्रिक के तहत फिंगरप्रिंट स्कैन के माध्यम से कैप्चर नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को रजिस्ट्री कराने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग मौजूदा व्यवस्था में छूट देने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है।

स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि अभी किसी भी मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैन और आधार की उपलब्धता अनिवार्य है। ऐसे में वे भी रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं जिनकी संपत्ति का मूल्य काफी कम है और उनके पास पैन रहा ही नहीं है।

10 लाख तक की संपत्ति के लिए बना नियम 

जायसवाल ने बताया कि इन लोगों को राहत देने के लिए फिलहाल 10 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैन-आधार की अनिवार्यता खत्म की जाएगी। हालांकि, आधार न होने या फिर फिंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरे के कैप्चर न होने की दशा में परिवार के ही किसी सदस्य को पूरे ब्योरे के साथ अनिवार्य रूप से शपथ पत्र देना होगा।

प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) के पास आधार न होने की दशा में मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में उनके पासपोर्ट के आधार पर रजिस्ट्री की अनुमति दी जा सकती है। इस संबंध में जल्द ही अधिकारियों के स्तर पर चर्चा कर आदेश जारी किया जाएगा।