यूपी में ईवी खरीदने पर नहीं देना होगा रोड टैक्स, योगी कैबिनेट का फैसला, 2.56 लाख तक का फायदा

यूपी में ईवी खरीदने पर नहीं देना होगा रोड टैक्स, योगी कैबिनेट का फैसला, 2.56 लाख तक का फायदा

UP Cabinet Meeting

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लखनऊ। UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) क्षेत्र में प्रदूषण कम करने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाने के लिए 'परिवर्तन योजना' लागू की जाएगी। योजना के तहत बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी की पुरानी बसों और ट्रकों को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसफ) में स्क्रैप कराने पर नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट की इस पर मुहर लग गई है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की स्वीकृति के बाद परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर आठ जिले में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया है।

इसके तहत नया बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर (रोड टैक्स) में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। यदि कोई व्यक्ति पुराना या प्रयुक्त बीएस-6 अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो उसे रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह सुविधा 10 वर्ष तक लागू रहेगी।

योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के पंजीकरण पर पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह माफ रहेगा। इसके अलावा एनसीआर में पंजीकृत बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी की बसों और ट्रकों पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मोटर वाहन कर की देनदारी भी समाप्त कर दी जाएगी।

यह लाभ केवल उन्हीं वाहन मालिकों को मिलेगा जो अपने पुराने वाहन को अधिकृत आरवीएसएफ केंद्र पर स्क्रैप कराकर नया वाहन पंजीकृत कराएंगे। योजना में अन्य प्रोत्साहन भी दिए गए हैं। डीजल और सीएनजी वाहन खरीदने वालों को पांच प्रतिशत ब्याज में छूट और ईंधन वाउचर मिलेगा।

वहीं इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से 2.56 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां (ओईएम) नए वाहन की खरीद पर आठ प्रतिशत तक शुरुआती छूट भी देंगी।

इसके अलावा, मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन को रखा गया। नियमावली में अंतर्देशीय जलमार्गों पर चलने वाले जलयानों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में रखने का विचार है।

पहली श्रेणी में बड़े इंजन से चलने वाले यांत्रिक (मैकेनिकल) जलयान हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में पारंपरिक या स्वदेशी जलयान शामिल हैं। इसमें मछुआरा समुदाय की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद कुछ संशोधन के बाद नियमावली को लागू किया जाएगा।