यूपी में स्वच्छता व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, ‘संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2026’ को कैबिनेट की मंजूरी

1000256487

Sanitation system in UP to get a major boost

लखनऊ। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार “संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2026” को प्रदेश कैबिनट ने स्वीकृति दे दी है।

पहली बार इसके लिए स्पष्ट दिशा निर्देश तय किए गए हैं। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 15.50 लाख नालियों, सेप्टिक टैंक, गोवर्धन प्लांट आदि का संचालन व रखरखाव बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। इन परिसंपत्तियों के अनुरक्षण व संचालन पर हर वर्ष लगभग 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। नई संचालन एवं अनुरक्षण नीति को तैयार करने में राज्य सरकार द्वारा तैयार नीति के मसौदे में जरूरी संशोधन किया गया है।

स्वच्छ भारत ग्रामीण (फेज-दो) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को बनाए रखना और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन संसाधनों का निर्माण व सेवाओं का विस्तार करना है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह स्वच्छता हासिल करने के लिहाज से महत्वपूर्ण पर्यावरणीय स्वच्छता स्थाई रूप से बनाई जा सके।

इस नीति के माध्यम से संपूर्ण स्वच्छता के लिए खुले में शौच से मुक्त ‘ओडीएफ’ व “ओडीएफ प्लस’ के लिए सृजित परिसंपत्तियों को जनोपयोगी बनाने के लिए उन्हें क्रियाशील बनाए रखा जाएगा। पंचायती राज विभाग डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, खराब प्लास्टिक बिक्री तथा अन्य संसाधनों से आय के साधन भी सृजित करेगा।