बिहार की राजनीति में निशांत कुमार का उदय: स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की तैयारी
Nishant Kumar's Rise in Bihar Politics
पटना। Nishant Kumar's Rise in Bihar Politics, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar( के पुत्र निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री (Nishant Kumar Health Minister) बने हैं। वे अपने विभाग के साथ अपने पिता के जनाधार को भी संभालने की योजना बना रहे हैं।
मंत्री बनने से पहले उन्होंने दो दिनों की 'सद्भाव यात्रा' की थी। उस दौरान उन्हें जदयू के जनाधार का एहसास हुआ। वे उन मुद्दों पर काम कर रहे हैं, जिनका नीतीश कुमार की सफलता में योगदान रहा है।
सोमवार को निशांत ने जीविका संगठन की संरचना पर विमर्श किया। मंगलवार को उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं पर अधिकारियों के साथ बातचीत की। जदयू से जुड़े सूत्र बताते हैं मंत्री के रूप में आवंटित दो देशरत्न मार्ग स्थित आवास का उपयोग वे राजनीतिक गतिविधियों के लिए करेंगे।
इस महीने की शुरुआत से निशांत की सक्रियता बढ़ी हुई है। वे तीन मई को सद्भाव यात्रा पर निकले। रास्ते में करीब 16 पड़ावों पर कुछ-कुछ देर रुकते हुए पश्चिमी चंपारण पहुंचे। नीतीश कुमार की हरेक यात्रा इसी इलाके से शुरू होती रही है। निशांत ने उन्हीं का अनुसरण किया।
यात्रा के दौरान समर्थकों के जोश को देख कर उनका उत्साह बढ़ा। समर्थकों की ओर से कई नारे लगाए गए। सबसे अधिक यह- सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा है। पहले तय था कि निशांत पूरे राज्य की यात्रा करेंगे। सात मई को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद अगली यात्रा की चर्चा नहीं हो रही है।
यात्रा के पहले दिन उनका संबोधन मिनट-दो मिनट का हुआ, लेकिन अगले दिन यह 20 मिनट हुआ। इसमें उन्होंने नीतीश कुमार की उपलब्धियों की चर्चा की। यात्रा का अनुभव का बयान किया-जनता से मिला प्यार और समर्थन हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
सोशल मीडिया पर छा गए
निशांत इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। चर्चा उनके स्वास्थ्य, कुर्ता-पजामा, देहभाषा और मंत्रालय को लेकर हो रही है। इनमें उन्हें स्वास्थ्य सुधारने और दर्जी बदलने की सलाह दी जाती है।
मंत्री बनने को लेकर अफसोस करने वाले लोग भी कम नहीं हैं, जिनकी राय है कि उन्हें यह पद सत्ता के एक केंद्र के रूप में विकसित होने से रोकने के लिए दिया गया है। यह टिप्पणी भी आ रही है कि निशांत को कमतर बताने के लिए सुनियोजित अभियान चल रहा है।
क्या है निशांत की दिनचर्या?
बाहर चल रही चर्चाओं से अलग निशांत प्रतिदिन जदयू के कार्यकर्ताओ, नेताओं और विधायकों से मिल रहे हैं। नियमित जदयू के प्रदेश कार्यालय जाते हैं। मंत्री का प्रभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उनसे विभाग के बारे में प्रश्न किया गया। उनका उत्तर था-अभी हम समझ रहे हैं।
मंत्री के नाते उन्हें भव्य सरकारी आवास मिल गया है। दो देशरत्न मार्ग स्थित यह भवन नीतीश कुमार के आवास के करीब है। निशांत अब इसी आवास से राजनीतिक गतिविधियां संचालित करेंगे। उनके पहले दो देशरत्न मार्ग में भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव रहते थे। वह अभी नगालैंड के राज्यपाल हैं।