"हिमाचल में लिफ्ट सुरक्षा और पंचायत चुनाव में चिट्टा प्रतिबंध पर नए विधेयक पेश"

"हिमाचल में लिफ्ट सुरक्षा और पंचायत चुनाव में चिट्टा प्रतिबंध पर नए विधेयक पेश"

New Bills Introduced in Himachal on Lift Safety

New Bills Introduced in Himachal on Lift Safety

शिमला। New Bills Introduced in Himachal on Lift Safety, हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटलों में लिफ्ट, एस्केलेटर्स और ट्रैवलेटर्स की सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक-2026 पेश किया।

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य लिफ्ट, एस्केलेटर्स और ट्रैवलेटर्स के उपयोग को कानूनी दायरे में लाना है। बिना अनुमति के होटलों और अन्य भवनों में मनमर्जी से इन्हें लगाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मंजूरी, लाइसेंस का नवीनीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच का प्रविधान भी किया गया है।

वर्तमान में, प्रदेश में 1500 से अधिक लिफ्ट स्थापित हैं और एस्केलेटर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विधेयक में उल्लेखित है कि इन्हें लगाने से पहले सरकार की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, तकनीकी जानकारी जैसे क्षमता, गति और सुरक्षा मानकों को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षकों को परिसर में जांच करने और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संचालन बंद करने का अधिकार दिया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस के संचालन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सुरक्षा में लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के लिए ऑपरेटर और कंपनियों की जिम्मेदारी तय की गई है, और यात्रियों के लिए बीमा कवरेज अनिवार्य किया गया है।

चिट्टे में चार्जशीट तय तो पंचायत चुनाव लड़ने पर लगेगी रोक

हिमाचल सरकार ने चिट्टा या नशा मुक्त करने के अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा सत्र में चिट्टे के मामले में चार्जशीट तय होने पर किसी भी व्यक्ति को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के लिए पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया है।

यह विधेयक बुधवार को विधानसभा में नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अनुपस्थिति में प्रस्तुत किया। इस संशोधन विधेयक पर वीरवार को चर्चा होगी और इसे पारित किया जाएगा।

यदि कोई व्यक्ति चिट्टे के साथ पकड़ा जाता है और उसके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होती है, तो वह भी पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित रहेगा। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने की स्वीकृति दी गई थी, जिसके बाद यह संशोधन विधेयक लाया गया है।

30 लोगों की उपस्थिति में कोरम पूरा माना जाएगा

इसके अतिरिक्त, विधेयक में पंचायतों की ग्रामसभाओं में कोरम की संख्या को भी कम किया गया है। कोरम की संख्या को पंचायत की आबादी का 10 वां हिस्सा अथवा कम से कम 30 सदस्य होना आवश्यक कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामसभाओं में कोरम की समस्या को समाप्त करना है, ताकि पंचायतों में कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।