राजस्थान में 'सार्थक नाम अभियान': स्कूलों में अब बदले जाएंगे 'शेरू' और 'कजोड़मल' जैसे नाम; शिक्षा मंत्री बोले— "नामों से आती है हीन भावना"

राजस्थान में 'सार्थक नाम अभियान': स्कूलों में अब बदले जाएंगे 'शेरू' और 'कजोड़मल' जैसे नाम; शिक्षा मंत्री बोले— "नामों से आती है हीन भावना"

Meaningful Names Campaign in Rajasthan

'Meaningful Names Campaign' in Rajasthan

Rajasthan School Child Name: राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग 'सार्थक नाम अभियान' शुरू करेगा. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने खुद इसकी घोषणा की है. इस अभियान को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिनके नाम निरर्थक शब्दों पर रखे हुए हैं, उनके अभिभावकों से चर्चा करके उनके सार्थक नाम रखे जाएंगे. जिससे कि आगे चलकर बच्चों के मन में हीन भावना ना रहे. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कई बार अभिभावक ना समझी में या अन्य किसी कारण से बच्चों के ऐसे नाम रख देते हैं, जिससे बाद में बच्चों को बड़े होने पर अजीब लगता है.

लिस्ट से चुनकर रखना होगा नाम

शिक्षा मंत्री ने कहा, कई बार बच्चों का नाम कजोड़मल और शेरू जैसे नाम रख देते हैं. ऐसे नामों को हमने सूचीबद्ध किए हैं. वहीं करीब 2 से 3 हजार नाम की लिस्ट बनाई है, जिनमें से नए नाम चुने जा सकते हैं. इसके साथ ही कई जातियां है, जिनके लिए सम्मान जनक शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए. सरकार ने इसके लिए कई बार आदेश भी जारी किए हैं. इन उपनामों को वाल्मीकि या अन्य कुछ लिखा जा सकता है. ऐसे सभी नाम की जगह सम्मानजनक नाम लिखवाए जाने चाहिए. हमने यह कोशिश की है.

प्राइवेट स्कूलों की फीस के बजाए बच्चों के नाम बदलने में लगी है सरकार

वहीं, इस मामले पर संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसे मुद्दों पर बोल रहे हैं. मुझे लगता है केवल प्रदेश में एक या दो प्रतिशत ही ऐसे केस होंगे.  लेकिन उनका ध्यान असली मुद्दों पर नहीं है. निजी स्कूलों की फीस में मनमानी, पाठ्य पुस्तकों को बेचने में गड़बड़ी, और आरटीई में सरकार द्वारा चयनित विद्यार्थियों को भी प्रवेश न देने जैसे मुद्दों पर सरकार और शिक्षा मंत्री चुप नजर आते हैं. 

वहीं, भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र हटवाल ने कहा कि प्रदेश में स्कूलों की हालत खराब है. एक बच्चे को मटके से पानी पीने के लिए बेरहमी से पीटा जाता है. अभिभावकों को प्राइवेट स्कूल लूट रही है. उनको शिक्षा से जुड़े काम करने चाहिए.