UP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत… स्मार्ट मीटर लगाने पर लगी रोक, क्या है पावर कॉरपोरेशन का नया आदेश?

UP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत… स्मार्ट मीटर लगाने पर लगी रोक, क्या है पावर कॉरपोरेशन का नया आदेश?

Smart Meter Drive Halted in UP

Smart Meter Drive Halted in UP

Smart Meter Drive Halted in UP: उत्तर प्रदेश में पुराने बिजली मीटरों को अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर से नहीं बदला जाएगा। यह रोक तत्काल प्रभाव से शनिवार से ही लगा दी गई है। स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट आने तक यह रोक बरकरार रहेगी।

केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत उपभोक्ताओं के घरों में लगे मैनुअल मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। बदले गए मीटरों को बाद में बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में बदल दिया जा रहा था। बीते काफी दिनों से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायत पहुंचने के बाद उन्होंने इसकी जांच करवाने के आदेश दिए थे। पावर कॉरपोरेशन ने जांच के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित कर दी है, जिसे दस दिनों में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक आरडीएसएस के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव और पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि जब तक समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक रोक के आदेश प्रभावी रहेंगे। रिपोर्ट पर आगे का फैसला होगा। तकरीबन 27 हजार करोड़ खर्च कर पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। बदले जा रहे मीटरों का खर्च उपभोक्ताओं से नहीं लिया जा रहा है।

नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर से प्रीपेड मोड में ही

भले ही पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई हो, लेकिन नया कनेक्शन लेने वालों के लिए कोई राहत नहीं है। नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड मोड में ही दिए जाएंगे। नए कनेक्शन को प्रीपेड मोड में ही दिए जाने का आदेश प्रभावी रखा गया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बीते दिनों लोकसभा में मीटरों के प्रीपेड या पोस्टपेड मोड को उपभोक्ताओं का विकल्प बताया था।

शिकायतों पर सीएम योगी का सख्त रुख

बता दें कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर आ रही शिकायतों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर रखा है। उनकी सख्ती के बाद पावर कारपोरेशन ने स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। यह समिति 10 दिनों में पावर कारपोरेशन को स्मार्ट मीटरों का तकनीकी परीक्षण करके उसकी गुणवत्ता के संबंध में रिपोर्ट देगी। प्रदेश में अब तक 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 70 लाख से ज्यादा प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं। बीते काफी समय से प्रीपेड मीटरों को लेकर शिकायतें आ रही थीं।