हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब सभी स्कूलों की परीक्षाएं दिसंबर में, नई योजनाओं और सुधारों को मंजूरी
Major Overhaul in Himachal Pradesh's Education System
शिमला। Major Overhaul in Himachal Pradesh's Education System, हिमाचल प्रदेश में सभी ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों में बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं दिसंबर माह में आयोजित होंगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाएं नवंबर दिसंबर में होती हैं, जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मार्च में परीक्षाएं आयोजित होती हैं। अब एक साथ ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। बुधवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में राज्य के 148 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई संबद्धता प्राप्त हो चुकी है। भविष्य में और अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
कॉलेजों में अब अप्रेंटिस समाहित डिग्री कोर्स के साथ विदेशी भाषा की भी पढ़ाई
सरकार स्नातक डिग्री पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा और उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे उनके कौशल विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि महाविद्यालय स्तर पर विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की भाषा दक्षता प्राप्त होगी और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार कौशल आधारित स्नातक पाठ्यक्रम (बी वाक) की सफलता के बाद इस योजना के तहत चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है।
500 रुपये बढ़ा हुआ मानदेय जारी करने के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बजट घोषणा के अनुरूप शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत एसएमसी अध्यापकों, मिड-डे मील कर्मियों, जल वाहकों, कंप्यूटर शिक्षकों और बहु-उद्देशीय कर्मियों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है। उन्होंने इसे जारी करने के निर्देश भी बैठक में अधिकारियों को दिए।
10वीं 12वीं रिजल्ट की समीक्षा, शिक्षकों की रुकेगी वेतनवृद्धि
बैठक में 10वीं व 12वीं कक्षा के रिजल्ट की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है।
बायोमीट्रिक में हाजरी न लगाने वालों का कटेगा वेतन
बार बार आदेश जारी करने के बाद भी बायोमीट्रिक में हाजिरी न लगाने वालों पर अब कार्रवाई होगी। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि आदेशों की अनुपालना न होने की स्थिति में वेतन कटौती जैसे कदमों पर भी बल दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के 1,131 एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां एलडीआर श्रेणी के माध्यम से की गई हैं। इसके अतिरिक्त 714 पीजीटी और 102 डीपीई पदों के लिए एलडीआर प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। कंप्यूटर शिक्षकों के मामलों में आवश्यक नियम संशोधन किए जाएंगे। बागवानी विषय को विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के रूप में आरंभ किया जा चुका है। उन्होंने विभाग को विशेष रूप से बागवानी प्रधान क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का और विस्तार करने के निर्देश दिए।
उपनिदेशक पद के लिए जल्द होगी डीपीसी
शिक्षा मंत्री ने विभाग को उप निदेशकों की पदोन्नति संबंधी विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला अटॉर्नी के पद सृजित करने संबंधी प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग और हिमुडा को 19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी समीक्षा की। इस योजना तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने इस योजना की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा तथा शिक्षक समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 में हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी।
बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, निदेशक उच्च शिक्षा डा. हरीश कुमार अवस्थी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।