अलविदा! मशहूर सिंगर आशा भोसले का निधन; एक दिन पहले ही सीने में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था
Legendary Singer Asha Bhosle passed away at the age of 92
Asha Bhosle Death News: भारत की एक और सुरमयी आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई। मशहूर सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्हें एक दिन पहले ही सीने में इन्फेक्शन की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आशा भोसले की की पोती ज़नाई भोसले ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस बारे में जानकारी दी थी। डॉक्टरों के उपचार के बावजूद आशा भोसले को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस ली और इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। आशा भोसले के निधन से भारतीय सिनेमा और संगीत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अंगों ने काम करना बंद किया
बताया जा रहा है कि आशा भोसले फेफड़ों में संक्रमण (pulmonary chest infection) से पीड़ित थीं। कल जब उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान आशा भोसले के कई अंगों ने काम करना बंद (multiple organ failure) कर दिया और इसके चलते उनका निधन हो गया। आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने निधन को लेकर पुष्टि कर दी है। आनंद भोसले ने कहा, "मेरी माताजी का आज निधन हो गया है। लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल के कासा ग्रांडे में उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वे रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।"
म्यूजिकल खानदान में ही जन्मी आशा भोसले
आशा का जन्म 8 सितम्बर 1933 को सांगली के छोटे से गाँव 'गोआर' में एक संगीत-प्रेमी परिवार में हुआ था। उन्होंने पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर जन्म लिया. दीनानाथ स्वयं मराठी और कोंकणी मूल के थे, और उनकी पत्नी शेवंती गुजराती थीं। दीनानाथ मराठी संगीत-मंच के एक अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे। इस प्रकार आशा भोसले का पालन पोषण म्यूजिकल परिवेश में ही हुआ। जिससे उनके मन में संगीत की अलख और तेजी से जगी। मालूम रहे लता मंगेशकर भी इसी परिवार का हिस्सा रहीं। वह आशा भोसले की बड़ी बहन थीं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित लता मंगेशकर का 6 फरवरी 2022 को निधन हो गया था।
आशा भोसले ने कई हिट गाने दिए
आशा भोसले ने अपने संगीत करियर में कई हिट गाने दिए। भारतीय सिनेमा और संगीत क्षेत्र में उनके गानों ने लोगों के बीच एक अलग छाप छोड़ी। आशा भोसले अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती थीं और उन्हें सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक के रूप में वर्णित किया गया। आशा भोसले ने 6 दशकों से अधिक लंबे अपने करियर में हिन्दी गानों के साथ-साथ विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों और एल्बमों के लिए गाने रिकॉर्ड किए। आशा भोसले ने फिल्मी गानों के साथ-साथ भजन भी गाये। आशा भोसले के गीत हमेशा भारत के लोगों के बीच गूंजते रहेंगे और उन्हें यादों के तौर पर सदैव जीवंत रखेंगे।
पद्म विभूषण से सम्मानित थीं आशा भोसले
आशा भोसले ने अपने संगीत करियर में आसमान को छुआ। उनके गानों ने दिलों पर ऐसा जादू किया की उनकी ख्याति सिर्फ देश तक सीमित नहीं रही बल्कि विदेश तक आशा भोसले का नाम गूँजा। आशा भोसले ने कई पुरस्कार प्राप्त किए। जिनमें दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार BFJA पुरस्कार, अठारह महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार, नौ फिल्मफेयर पुरस्कार (एक लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार सहित) और सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के लिए रिकॉर्ड सात फिल्मफेयर पुरस्कार, तथा इसके अतिरिक्त दो ग्रैमी नामांकन शामिल हैं।
वर्ष 2000 में, उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सर्वोच्च पुरस्कार है। इसके अलावा वर्ष 2008 में, भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जो देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। वहीं वर्ष 2011 में, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें संगीत के इतिहास में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता दी गई थी।
PM मोदी ने कहा- यादों को हमेशा संजोकर रखूंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने कहा, ''भारत की सबसे जानी-मानी और बहुमुखी आवाज़ों में से एक, श्रीमती आशा भोसले जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। दशकों तक फैली उनकी अनोखी संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है और दुनिया भर में अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ है। दिल को छू लेने वाली धुनों से लेकर जोशीली रचनाओं तक, उनकी आवाज़ में एक कालातीत चमक थी। उनके साथ हुई बातचीत की यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी, और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।''
Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or… pic.twitter.com/SbFrzf1Meu