सुक्खू कैबिनेट की अहम बैठक: शिमला रोपवे प्रोजेक्ट, नई भर्तियां और उद्योग नीति पर लगेगी मुहर

सुक्खू कैबिनेट की अहम बैठक: शिमला रोपवे प्रोजेक्ट, नई भर्तियां और उद्योग नीति पर लगेगी मुहर

Key Sukhu Cabinet Meeting

Key Sukhu Cabinet Meeting

शिमला। Key Sukhu Cabinet Meeting, हिमाचल प्रदेश का मौजूदा वित्त वर्ष का बजट पारित होने के बाद सुक्खू सरकार की पहली कैबिनेट बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे सचिवालय के शिखर सम्मेलन सभागार में होगी। सरकार की नजर अब बजट घोषणाओं को जमीन पर उतारने पर है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के साथ बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। पंचायत चुनाव से पहले यह अहम बैठक होने जा रही है। चुनाव से पहले कई बड़े निर्णय हो सकते हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा में राजधानी शिमला से तारादेवी तक प्रस्तावित 13.79 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का मामला है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सरकार ने रोपवे कारपोरेशन को नया प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सामने रखने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार और एनडीबी (नेशनल डेवलपमेंट बैंक) से लागत बढ़ोतरी को लेकर मंजूरी मिल चुकी है, जिससे परियोजना का रास्ता लगभग साफ हो गया है। पहले 1734 करोड़ रुपये की इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 2296 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी भी 346.80 करोड़ से बढ़कर 459.2 करोड़ रुपये पहुंच गई है। ऐसे में कैबिनेट में यह तय होगा कि परियोजना को किस चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।

सरकारी नौकरियों की घोषणा संभव

मंत्रिमंडल बैठक में विभिन्न विभागों में नई भर्तियों के प्रस्ताव भी लाए जा सकते हैं। खासकर स्वास्थ्य और वन विभाग में भर्तियों को लेकर मसौदे तैयार हैं। भर्ती निदेशालय के माध्यम से होने वाली भर्तियों को आगे राज्य चयन आयोग के जरिए पूरा करने की योजना है। जेओए (आईटी) के पदों पर भर्ती का मसौदा भी चर्चा में आ सकता है।

सीएम की घोषणाओं को भी मिलेगी मंजूरी

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में मशीनों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई घोषणाओं को भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही बजट में घोषित योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा होगी। 

वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा होगी

वित्तीय स्थिति भी बैठक का महत्वपूर्ण एजेंडा रहने वाला है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। वित्त वर्ष की शुरुआत में ही सरकार द्वारा लिए गए कर्ज और आगामी वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी मंथन होगा। हालांकि प्रधान वित्त सचिव देवेश कुमार के प्रदेश से बाहर होने के चलते विभागीय अधिकारी ही आंकड़ों के साथ प्रस्तुति दे सकते हैं। 
पर्यटन क्षेत्र को लेकर भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। बैठक में विभिन्न टूरिज्म प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा के साथ नई संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है।  

नई उद्योग नीति 

वहीं, प्रदेश में नई उद्योग नीति को लागू करने की दिशा में भी कदम तेज हो गए हैं। विभाग स्तर पर नीति का मसौदा लगभग तैयार बताया जा रहा है। हाल ही में बल्क ड्रग पार्क के शिलान्यास के बाद उद्योग क्षेत्र में उभर रही संभावनाओं पर भी कैबिनेट में चर्चा संभव है।