यूपी की राजनीति में ‘झालमुड़ी पॉलिटिक्स’ की एंट्री, भाजपा बना रही नए चुनावी प्रतीक की रणनीति
'Jhalmuri Politics' Enters UP Politics
लखनऊ। 'Jhalmuri Politics' Enters UP Politics, राजनीति में संकेतों का अपना महत्व है, जिसे भाजपा चुनावी जमीन पर उतारने में माहिर है। बंगाल चुनाव से आयातित होकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में आई झालमुड़ी को भाजपा चुनावी प्रतीक बनाने में जुट गई है।
बंगाल में भगवा फहराने के दौरान मंत्रियों एवं संगठन के दिग्गजों के हाथ में झालमुड़ी और पेड़ा नजर आया, वहीं पार्टी कार्यालयों में इसका स्टाल भी लगाया गया। इस बहाने कार्यकर्ताओं को स्मरण दिलाया जाएगा कि कैसे भाजपा ने बंगाल में ममता बनर्जी के बेहद मजबूत किले को ढहा दिया।
वाराणसी में भी झालमुड़ी के स्टाल और बिक्री बढ़ी है, जिसे भाजपा ‘चाय पर चर्चा’ की तरह चुनावी धरातल पर उतारेगी। इससे पहले बिहार चुनाव में मोदी ने ‘गमझा पालिटिक्स’ के जरिए चुनावी वातावरण बदला था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल में एक दुकान झालमुड़ी खाकर चुनावी हवा बदल दी।
बंगाल जीत का उत्सव मनाने के दौरान उत्तर प्रदेश में झालमुड़ी पालिटिक्स खूब दिखी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई के हाथ में झालमुड़ी दिखी।
असम चुनाव में भाजपा की भारी जीत को लेकर कार्यकर्ताओं ने संकेत के रूप में पेड़ा बांटकर उस बयान को राजनीतिक रंग दिया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत विस्वसरमा ने कहा था कि ‘मैं कांग्रेस के पवन खेड़ा को पेड़ा बना दूंगा।’
उत्तर प्रदेश की राजनीति प्रयोगधर्मी
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है और भाजपा पीडीए और जातीय समीकरणों में हलचल से परेशान है। पार्टी ऐसे राजनीतिक प्रतीक को चुनावी मैदान तक उतारने की रणनीति बना रही है, जिससे मतदाताओं का ध्यान बंगाल में मिली बड़ी जीत की ओर खींचा जा सके।
इससे पहले बिहार चुनाव में मोदी ने गमछा को राजनीति के केंद्र में ला दिया था, लेकिन बंगाल का सामाजिक-राजनीतिक तानाबाना ऐसा है कि वो बाहर के किसी प्रतीक के साथ जल्द नहीं जुड़ते हैं, इसीलिए वहां भाजपा ने गमछा नहीं चलाया, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजनीति प्रयोगधर्मी कही जाती है, जहां बंगाल चुनाव में जीत के सरल प्रतीक के रूप में पार्टी नए संकेत लेकर आगे बढ़ेगी। यूपी में झालमुड़ी से मिलता जुलता खानपान चुरमुरा एवं भेलपुरी है, ऐसे में कार्यकर्ताओं के लिए कनेक्ट बनाना आसान होगा।
काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल का कहना है कि मोदी ने बंगाल में एक साधारण सी दुकान पर झालमुड़ी खाकर बड़ा सामाजिक एवं राजनीतिक संदेश दिया। बनारस के घाटों पर बिक्री बढ़ गई है। पार्टी इसके जरिए स्वस्थ खानपान और रोजगार का प्रसार करेगी। हम बंगाल की अभूतपूर्व जीत से निकले इस प्रतीक को आगे बढ़ाएंगे।