ITBP जवानों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेर लिया; हथियारों से लैस होकर 50-60 जवान पहुंचे, साथी की मां का हाथ काटने का मामला
ITBP Jawans Surrounded Kanpur Police Commissionerate Breaking News
Kanpur Police Commissionerate: उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को उस वक्त भारी हलचल मच गई। जब यहां 'पुलिस बनाम पैरामिलिट्री फोर्स' की तस्वीर बनती देखी गई। ITBP के जवानों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेर लिया। करीब 50 से 60 जवान आईटीबीपी के अपने कमांडेंट के नेतृत्व में हथियारों से लैस होकर कमिश्नरेट पहुंचे हुए थे। देखते ही देखते जवानों ने पूरे कमिश्नरेट परिसर में अपना घेरा डाल दिया और चहलकदमी करने लगे। इधर जवानों को देखकर वहां तैनात पुलिसवाले भी पीछे हट गए। वहीं दूसरी तरफ कमिश्नर ऑफिस में आईटीबीपी जवानों की पलटन को इस तरह देखकर लोग भी दंग रह गए।

साथी जवान की मां का हाथ काटने का मामला
बताया जाता है कि ITBP के जवान अपने एक साथी जवान विकास सिंह की मां का अस्पताल में हाथ काटे जाने के मामले में न्यायपूर्ण ढंग से कार्रवाई न किए जाने से नाराज थे। विकास सिंह ने अस्पताल पर गलत इलाज कर लापरवाही का आरोप लगाया था और डॉक्टरों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। आरोप है कि पीड़ित आईटीबीपी जवान विकास सिंह की शिकायत पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस मामले को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य सिस्टम से बेरुखी दिखाई। जवान ने सीएमओ पर स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने का भी आरोप लगाया।
वहीं न्याय के लिए भटकने के बाद भी जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो पुलिस और प्रशासन की लचर कार्रवाई से आहत विकास सिंह ने इस संबंध में अपने अधिकारियों को सारी जानकारी दी। जिसके बाद अपने साथी जवान की मां के लिए और उसे इंसाफ दिलाने के लिए ITBP जवानों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेर लिया। इस दौरान जांच रिपोर्ट में ढुलमुल रवैया अपनाने और स्पष्ट कार्रवाई न किए जाने को लेकर आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद और लाइजनिंग अफसर ने कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मिलकर कार्रवाई करने को लेकर बात की। बता दें कि कई गाड़ियों में भरकर ITBP के जवान कानपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे।
घेरने की बात पर ITBP कमांडेंट की सफाई
इधर हथियारबंद ITBP जवानों द्वारा कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेरे जाने के मामले को लेकर आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद ने सफाई दी है। आईटीबीपी कमांडेंट का कहना है कि कमिश्नरेट को घेरे जाने जैसी कोई बात नहीं थी। अपने साथी जवान की मां के हाथ काटने के संबंध में हमने कानपुर कमिश्नरेट आकर कमिश्नर साहब से मुलाकात की और इस मामले में न्याय के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान उनके साथ जवानों की मौजूदगी थी, जो कि बाहर तैनात रहे। लेकिन मीडिया में यह खबर चल गई की ITBP ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेर लिया है।
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कानपुर पुलिस कमिश्नरेट का बयान
वहीं इस मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बयान सामने आया है। जिसमें बताया गया है कि आईटीबीपी जवान की मां के मामले में कार्रवाई तेजी से की जा रही है। जारी बयान में कहा गया, ''कुछ दिवस पूर्व एक आईटीबीपी जवान द्वारा अस्पताल पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें उनकी माताजी का हाथ काटे जाने की बात कही गई थी। चूंकि प्रकरण मेडिकल नेग्लिजेंस से संबंधित था, अतः माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मामले को जांच हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) महोदय को प्रेषित किया गया था। सीएमओ महोदय द्वारा नियमानुसार चिकित्सकों की समिति गठित कर प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कराई गई।''
बयान में आगे कहा गया, ''जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रार्थी पुनः अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित हुआ तथा रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति व्यक्त की। दोनों पक्षों से वार्ता उपरांत आपत्तियों से संबंधित प्रार्थना पत्र पुनः परीक्षण हेतु सीएमओ कार्यालय को भेज दिया गया है। चूंकि मामला पूर्णतः मेडिकल नेग्लिजेंस एवं उपचार प्रक्रिया से संबंधित है, इसलिए उपचार, डायग्नोसिस एवं चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़े सभी बिंदुओं का परीक्षण चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा किया जाना आवश्यक है। जांच उपरांत जो भी तथ्यप्रकाश में आएंगे, उन्हीं के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।''
कुछ दिवस पूर्व एक आईटीबीपी जवान द्वारा अस्पताल पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें उनकी माताजी का हाथ काटे जाने की बात कही गई थी। चूंकि प्रकरण मेडिकल नेग्लिजेंस से संबंधित था, अतः माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में… pic.twitter.com/gEM7s2NPOC