ISRO Successfully Conducts First

गगनयान मिशन की ओर बड़ा कदम, ISRO ने SOLVE रॉकेट मोटर का पहला सफल परीक्षण किया

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ISRO Successfully Conducts First

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इसरो ने SOLVE (Sub-Orbital Launch Vehicle for Experiments) के ठोस ईंधन (Solid Motor) वाले रॉकेट का पहला सफल परीक्षण पूरा किया है। इस परीक्षण का उद्देश्य गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित वापसी (Crew Recovery System) की क्षमता का परीक्षण करना था।

इसरो के अनुसार यह परीक्षण 3 जुलाई को सुबह 10 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की स्टैटिक टेस्ट फैसिलिटी में किया गया। परीक्षण के दौरान मोटर का प्रदर्शन सभी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप रहा।

'SOLVE' एक विशेष परीक्षण रॉकेट है, जिसे गगनयान मिशन से पहले विभिन्न परिस्थितियों में क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा प्रणाली की जांच के लिए विकसित किया गया है। परीक्षणों के दौरान क्रू मॉड्यूल को 10 से 17 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाया जाएगा। इसके बाद मॉड्यूल को रॉकेट से अलग कर क्रमवार 10 पैराशूट खोले जाएंगे, जिससे उसकी गति नियंत्रित होगी और वह सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर सकेगा।

इसरो ने बताया कि SOLVE का ठोस ईंधन चरण PSLV रॉकेट के स्ट्रैप-ऑन मोटर पर आधारित है, लेकिन गगनयान मिशन की जरूरतों के अनुरूप इसमें कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इनमें धीमी गति से जलने वाला प्रणोदक (Slow Burning Propellant) और दिशा नियंत्रण प्रणाली (Attitude Control System) में सुधार शामिल हैं।

गगनयान मिशन के तहत दो से तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊंची कक्षा में तीन दिनों के मिशन पर भेजा जाएगा। मिशन पूरा होने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से भारतीय समुद्री क्षेत्र में उतारा जाएगा। इस मिशन के अंतरिक्ष यान में क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल दो प्रमुख हिस्से होंगे, जिनमें क्रू मॉड्यूल में अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे।

इसरो ने बताया कि गगनयान परियोजना देश की वैज्ञानिक क्षमता, भारतीय उद्योग, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग के साथ विकसित की जा रही है। मिशन से पहले कई अहम तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें मानव-रेटेड लॉन्च व्हीकल, जीवन समर्थन प्रणाली, क्रू एस्केप सिस्टम, प्रशिक्षण, बचाव और पुनर्वास प्रणाली शामिल हैं।

इन प्रणालियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए इसरो Integrated Air Drop Test (IADT), Pad Abort Test (PAT) और Test Vehicle (TV) जैसी परीक्षण उड़ानें संचालित करेगा। मानव मिशन से पहले सभी प्रणालियों का परीक्षण मानवरहित उड़ानों में किया जाएगा।

इसरो ने यह भी बताया कि गगनयान मिशन के लिए LVM-3 रॉकेट का उपयोग किया जाएगा, जिसे मानव मिशन की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित कर Human-Rated LVM-3 (HLVM-3) बनाया गया है। इसमें एक अत्याधुनिक Crew Escape System लगाया गया है, जो प्रक्षेपण के दौरान किसी भी आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित दूरी तक ले जाने में सक्षम होगा।