सरकारी आवास खाली न करने पर IPS संजीव गांधी पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना
- By Gaurav --
- Saturday, 20 Jun, 2026
IPS Officer Sanjeev Gandhi Fined ₹1.80
Sanjeev Kumar Gandhi के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सरकारी आवास पर अनधिकृत कब्जा बनाए रखने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार शिमला के एसएसपी के लिए आरक्षित सरकारी आवास समय पर खाली न करने पर उन पर 1,80,286 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दस्तावेजों के अनुसार संजीव कुमार गांधी ने 7 फरवरी 2026 को शिमला के एसएसपी पद का कार्यभार छोड़ दिया था। हिमाचल प्रदेश सरकारी आवास आबंटन (सामान्य पूल) नियम, 1994 के तहत किसी अधिकारी को स्थानांतरण या पदमुक्त होने के एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य होता है। इस आधार पर उन्हें 6 मार्च 2026 तक आवास खाली करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
नियमित अवधि समाप्त होने के बाद 7 मार्च 2026 से उनका कब्जा अनधिकृत घोषित कर दिया गया। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि 12 मई को भी आवास खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मकान खाली नहीं किया गया।
नियमों के तहत अनधिकृत कब्जे पर 18 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर से डैमेज चार्ज लगाया गया है। लगभग 3,568.88 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले इस आवास पर 64,239.87 रुपये प्रतिमाह की दर से शुल्क निर्धारित किया गया। 7 मार्च से 31 मई 2026 तक की अवधि के लिए कुल 1,80,286.09 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि यह राशि तत्काल जमा करवाई जाए। यदि भुगतान नहीं किया गया तो रकम अधिकारी के मासिक वेतन से वसूली जाएगी। साथ ही 1 जून 2026 से आवास खाली होने तक हर महीने अतिरिक्त डैमेज चार्ज भी जोड़ा जाएगा।
विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन नहीं होने पर Himachal Pradesh Public Premises and Land Act, 1971 के तहत बेदखली की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही अधिकारी को तत्काल सरकारी आवास खाली कर उसका कब्जा वर्तमान एसएसपी शिमला को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।