NEET UG 2026 के ल‍िए देहरादून पुलिस अलर्ट, धारा 163 लागू, अधिकारियों ने पुलिस टीम को दिए सख्त निर्देश

Uttarakhand NEET Re Exam

Uttarakhand NEET Re Exam

देहरादून: Uttarakhand NEET Re Exam: कल देशभर में NEET का री-एग्जाम को होना है. जिसके लिए तैयारियां पुख्ता की गई हैं. वहीं, बात अगर उत्तराखंड की करें तो प्रदेशभर में RE-NEET एग्जाम के लिए 10 जिलों में 53 परीक्षा केंद्र बनाये गए हैं. प्रदेशभर में 21000 हजार से ज़्यादा बच्चे NEET री एग्जाम देंगे. RE-NEET एग्जाम को देखते हुये पुलिस प्रशासन ने भी सख्त इंतजामात किये हुये हैं.

परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 163 लागू: NEET (UG) पुनर्परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू कर दी है. लाउडस्पीकर, भीड़, जुलूस और नारेबाजी पर प्रतिबंध रहेगा. जारी आदेश के अनुसार, जिले में निर्धारित सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों और अन्य शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यह आदेश राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के पत्र संख्या N/020/NEET (UG)/2026-NTA दिनांक 11 जून 2026 के क्रम में जारी किया गया है. प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का शोर, भीड़भाड़ या अव्यवस्था अभ्यर्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं.

आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हथियार, लाठी, हॉकी स्टिक, तलवार, तेजधार वस्तुएं या विस्फोटक एवं बारूद से संबंधित सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही ईंट, पत्थर, डंडे या अन्य ऐसी वस्तुओं को एकत्र करने पर भी रोक लगाई गई है.

जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की नारेबाजी, सार्वजनिक घोषणाएं, लाउडस्पीकर का उपयोग, भड़काऊ भाषण, सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले वक्तव्य तथा भ्रामक प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध लगाया है. इसके अलावा सरकारी भवनों या सार्वजनिक संपत्तियों पर नारे लिखने अथवा किसी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी.

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों के निकट किसी भी सार्वजनिक स्थान, चौराहे या अन्य जगहों पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी. बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया और चौपहिया वाहनों के जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा. प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएगा. यदि किसी के द्वारा आदेशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हमने इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. पेपर लाने के लिए स्कॉट-ड्यूटी में पुलिस के अलावा CPMF (केंद्रीय अर्धसैनिक बल) को भी तैनात किया जाएगा. हर सेंटर के लिए सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को इंचार्ज बनाया गया है. पिछले 3-4 दिनों से स्थानीय पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सेंटरों का दौरा कर रहे हैं. सभी इंतज़ामों की जांच की जा रही है. हमारी टीम भी सेंटर इंचार्ज के संपर्क में हैं.

प्रमोद कुमार, SP सिटी

हरिद्वार में बनाये गये 5 जोन: हरिद्वार में नीट परीक्षा के सकुशल संपन्न के लिए एसएसपी नवनीत सिंह के अगुवाई में हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. एसपी क्राइम निशा यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त कर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. परीक्षा में नियुक्त फोर्स की एसपी क्राइम की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में ब्रीफिंग की. परीक्षा के लिए हरिद्वार जिले के 8 केन्द्रों का देहात क्षेत्र में जबकी 4 केन्द्रों का सिटी एरिया में चिह्नित किया गया है. साथ परीक्षा क्षेत्र को जनपद हरिद्वार में 5 जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया है.

किन किन जिलों में सेंटर: नैनीताल जिले में 11 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. जिनमें 3874 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. पूरे जिले को 2 जोन और 11 सेक्टरों में बांटा गया है. हर जोन और सेक्टर में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती है. ऊधमसिंहनगर जिले में 5 परीक्षा केंद्र हैं. यहां 2528 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. पिथौरागढ़ जिले में केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है.अल्मोड़ा में द्वाराहाट बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान में परीक्षा केंद्र बनाया गया है. परीक्षा से पहले प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों, जैमर, सुरक्षा इंतजामों, पेयजल, बिजली और शौचालय सुविधाओं की जांच की गई है.