अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार, देहरादून में सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि
International shooter Jaspal Rana's last rites
देहरादून: International shooter Jaspal Rana's last rites, आज अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को विदाई दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को आज विदाई दी जाएगी। 50 वर्षीय जसपाल राणा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित उनके घर पर रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जाएगा। राणा के आकस्मिक निधन की खबर से उनके पैतृक गांव टटोर नैनबाग चिलामू समेत पूरे इलाके में शोक छा गया।
गांव के बेटे के निधन की सूचना मिलते ही लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं। देश को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में गौरव दिलाने वाले जसपाल राणा के जाने से खेल जगत और उनके चाहने वालों में गहरा दुख है। जसपाल राणा के करीबी प्रदीप कवि ने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों का गहरा लगाव था। 2012 से उन्होंने युवाओं को निशानेबाजी की कोचिंग देनी शुरू कर दी थी। देहरादून की शूटिंग रेंज में वह आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त में निशानेबाजी सिखाते थे।
सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद जसपाल राणा के आवास पहुंचे। उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और शोक में डूबे परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
मनु भाकर भी पहुंचीं श्रद्धांजलि देने
भारत की स्टार निशानेबाज और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर भी देहरादून पहुंचीं। उन्होंने अपने गुरु तुल्य जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।
दोस्त ने क्या कहा?
जसपाल राणा के करीबी दोस्त प्रदीप कवि, मोहन सिंह रावत और डॉ. विरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वह बेहद सरल स्वभाव के इंसान थे। चार-पांच महीने पहले जब वह 3-4 दिन के लिए गांव आए थे, तब उनसे मुलाकात नहीं हो सकी थी।दोस्तों के मुताबिक जसपाल का जन्म उत्तरकाशी जिले में हुआ था। उस समय उनके पिता नारायण सिंह आईटीबीपी में तैनात थे। जसपाल की शुरुआती पढ़ाई मसूरी और दिल्ली में हुई। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था।
पूर्व खेल राज्य मंत्री नारायण सिंह राणा के तीन बच्चे है। जिसमें जसपाल सबसे बड़े थे। उनके बाद छोटे भाई सुभाष और बहन सुषमा राणा हैं। सुभाष खुद अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रह चुके हैं और अब शूटिंग के कोच के रूप में काम कर रहे हैं। बहन सुषमा राणा भी निशानेबाज रही हैं और वह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवार की बहू हैं। जसपाल की बेटी देवांशी राणा ने भी पिता का नाम आगे बढ़ाया। उन्होंने शूटिंग वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में गोल्ड और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। छोटा बेटा युवराज भी निशानेबाजी में अपना करियर बना रहा है।