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राहुल गांधी बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर; उन्हें शिक्षा मंत्री पद से हटाना ही होगा, उनकी वजह से आज हजारों युवा सड़कों पर

Rahul Gandhi Says Dharmendra Pradhan Criminal Education Minister

Rahul Gandhi Says Dharmendra Pradhan Criminal Education Minister

Paper Leak Protest: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के बढ़ते प्रदर्शन से सरकार भले ही अब हरकत में आई है और कड़े कदम उठाने की बात कह रही है लेकिन छात्र प्रमुख रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हैं और वह इससे कम पर राजी नहीं हैं. वहीं दूसरी ओर राजनीतिक तौर से विपक्ष भी सीधेतौर से धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा ही मांग रहा है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए धर्मेंद्र प्रधान को एक क्रिमिनल शिक्षा मंत्री बताया है और पद से हटाने की मांग फिर से दोहराई है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने देश के एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद करने का काम किया है.

धर्मेंद्र प्रधान की वजह से हजारों युवा-छात्र सड़कों पर

दरअसल राहुल ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान एक क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर हैं. उन्हें हटाना ही होगा. वह हमारे एजुकेशन सिस्टम के खत्म होने की निशानी हैं. उन्होंने देश के एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद कर दिया. इसलिए उन्हें जाना होगा. धर्मेंद्र प्रधान ही वजह हैं कि आज हजारों युवा-छात्र सड़कों पर बाहर हैं.'' बता दें कि राहुल मीडिया से बात करते हुए अपने साथ एक युवक को भी लाए थे और बताया कि यह 20 जुलाई को पुलिस की भीषण कार्रवाई में घायल हुआ.

राहुल ने कहा कि, युवक पर लाठी चलाई गई, पैलेट गन से गोली मारी गई. राहुल ने घायल युवक की टी शर्ट उठाकर गंभीर चोट दिखाई और कहा कि युवक का फिजिकल डैमेज हुआ है. वहीं उसकी आंख पर चोट को लेकर पता नहीं आंख बचेगी या नहीं. राहुल का कहना था कि इस युवक की तरह ही और कई युवा-छात्रों पर भी इसी तरह की बर्बरता की गई और उन्हें घायल किया गया. लेकिन सरकार कह रही है कि हमने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया.

Rahul Gandhi Says Dharmendra Pradhan Criminal Education Minister

राहुल गांधी ने बताईं 3 मुख्य मांगे

राहुल ने कहा कि, ''युवा-छात्रों के इस प्रदर्शन की पहली मांग है कि जिसके कारण पेपर लीक हो रहा है उसे हटाया जाए. धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए. दूसरी मांग यह है कि जिन्होंने हमारे देश के भविष्य बच्चों पर लाठी चलाई है, पैलेट गन चलाई है. उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. तीसरी मांग यह है कि पीएम मोदी जो इस पूरे सिस्टम के ऑपरेटर हैं. वो पुलिस की कार्रवाई के लिए युवाओं से माफी मांगे.'' वहीं राहुल ने सरकार से कहा कि स्टूडेंट्स को मारना बंद कीजिये, धमकाना बंद कीजिये और उनकी मांगे पूरी कीजिये.

राहुल ने घेरा था PM आवास

ज्ञात रहे कि 20 जुलाई को युवा-छात्रों के मार्च पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद अगले दिन 21 जुलाई को राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था. जिसके बाद मौके पर भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी. इसके बाद शाम होने तक दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को वहां से हिरासत में ले लिया और खींचकर-घसीटकर अपने साथ ले गई. राहुल के साथ प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया गया था. हालाँकि रात में दोनों नेताओं को छोड़ दिया गया था.

छात्रों पर लाठियां बरसाने पर सियासत गर्म

CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान युवा-छात्र प्रदर्शनकारियों और लड़कियों पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स द्वारा लाठियां बरसाए जाने पर सियासत गरमा गई है. युवा-छात्रों पर लाठीचार्ज करने को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है. सड़क से लेकर संसद तक मोदी सरकार के खिलाफ गहमागहमी देखने को मिल रही है. विपक्ष युवा-छात्रों की मांगों को लेकर अपने पूरे तेवर में आ चुका है. वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. पुलिस ने बल प्रयोग करने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

पिछले 35 दिन से CJP का प्रदर्शन जारी

बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवा-छात्रों का प्रदर्शन पिछले 20 जून को शुरू हुआ था. पेपर लीक से परेशान होकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पिछले 35 दिन से युवा-छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. युवा-छात्रों के दिल्ली प्रदर्शन का असर राजधानी से बाहर पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखा जा रहा है.