मौसम की मार! वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी बंद, चारधाम यात्रा भी प्रभावित
Weather's wrath! Vaishno Devi and Amarnath pilgrimages remain suspended
नई दिल्ली/उत्तराखंड: IMD Weather Alert: मौसम की मार पहाड़ी राज्यों पर पड़ रही है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, जम्मू में वैष्णो देवी यात्रा और कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर इसका असर पड़ा है. भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण इस पर असर पड़ा है. जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा लगातार चौथे दिन बंद रही. कटरा में वैष्णो देवी यात्रा भी भूस्खलन और खराब मौसम के कारण स्थगित है. वहीं चारधाम यात्रा में भारी बारिश से आंशिक असर पड़ा है.
वैष्णो देवी में अर्धकुमारी भवन के पास भूस्खलन
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से मां वैष्णो देवी के अर्धकुमारी भवन नए रास्ते पर भारी भूस्खलन सोमवार को हुआ था. इस कारण यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों का आवागमन और बैटरी कार सेवा रोक दी गई थी. वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को आम रूट अपनाने को कहा गया है. वहां स्कूल भी 26 जुलाई तक बंद हैं. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों और राहत टीमों ने मलबा हटाने के साथ राहत कार्य तेज किया था.

कश्मीर में भारी बारिश
जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में पिछले 3 दिनों से भारी बारिश से नदी और नाले उफान मार रहे हैं. लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए वैष्णो देवी समेत जम्मू, कश्मीर में तीर्थयात्रा तीसरे दिन स्थगित रहीं. डोडा, पुंछ, राजौरी में बारिश के बीच 23 लोग मारे गए हैं. जम्मू प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं.जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूलों की छुट्टी 26 जुलाई तक बढ़ा दी है. स्कूल 27 जुलाई सोमवार को खुलेंगे. आम जनता और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है.
चारधाम यात्रा में रुकावट
उत्तराखंड में भारी बारिश और रास्ते में भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा कुछ समय के लिए रोकी गई थी.भारी बारिश के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत चारधाम यात्रा रोकी गई थी.भारी बारिश के बाद यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ थी. खराब मौसम को देखते हुए किसी भी तीर्थयात्री को आगे न बढ़ने का निर्देश था. हालांकि बुधवार को चारधाम यात्रा सुचारू रूप से चलने का संकेत है. सोमवार को मूसलाधार बारिश के बाद टिहरी जिले में चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई थी.

Kedarghati Gaurikund
केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर गिरे बोल्डर, छौड़ी के पास यात्रा रोकी गई
रुद्रप्रयाग में केदारघाटी में मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग एक बार फिर बाधित हो गया.गौरीकुण्ड से करीब एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही तत्काल रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है. लगातार हो रही बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग पिछले कई दिनों से संवेदनशील बना हुआ है. मंगलवार रात अचानक चट्टान टूटने और भारी मलबा आने से मार्ग पर खतरा बढ़ गया.जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं.

KedarnathGaurikund
चारधाम यात्रा को जोड़ने वाला घनसाली -केदारनाथ मोटर मार्ग ओडाधार से लगभग दो किलोमीटर आगे कुराड़ गदेरे के पास भारी मलबा और विशाल पत्थर आने से कई घंटों तक बंद रहा. इससे केदारनाथ के श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों को सड़क पर लंबा इंतजार करना पड़ा. लोक निर्माण विभाग ने सड़क से मलबा और चट्टानों को हटाने का काम शुरू किया गया. डोबरा–लंबगांव मोटर मार्ग भी सड़क पर भारी पत्थर गिरने से बाधित हो गया.
अमरनाथ यात्रा भी रुकी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को ये सभी यात्राएं रोकी थीं. कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल और अनंतनाग जिले में नंदीवान-पहलगाम के दो रास्तों की अमरनाथ यात्रा को 18 जुलाई की शाम को रोका गया था.रियासी में शिव खोड़ी मंदिर, कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर और किश्तवाड़ में मचैल माता मंदिर की यात्रा भी तब से रुकी थी. तीर्थयात्रियों से IMD की चेतावनी पर नजर रखने को कहा गया है. पहलगाम रूट पर गुफा मंदिर के लिए आखिरी पड़ाव पंचतरणी और बालटाल बेस कैंप में फंसे तीर्थयात्रियों को 19 और 20 जुलाई को दर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन भारी बारिश से किसी भी यात्री को अमरनाथ की पवित्र गुफा तक जाने नहीं दिया गया.
सुरनकोट में बादल फटने से 7 की मौत
रविवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में बादल फटने से बाढ़ में 7 लोगों की मौत हुई थी.भारी बारिश के बीच सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और SDRF की बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही है. सुरनकोट के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि सुरनकोट, राजौरी और राज्य के कई जिलों में हालात खराब हैं. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में सिविल सचिवालय में हाईलेवल मीटिंग की है. इसमें पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से पैदा हालात का जायजा लिया गया.