दिल्ली में आज INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक; 23 राजनीतिक दल मीटिंग में शामिल हो रहे, AAP ने कहा- हम इसका हिस्सा नहीं

INDIA Alliance Meeting 2026 In Delhi Constitution Club

INDIA Alliance Meeting 2026 In Delhi Constitution Club

INDIA Alliance Meeting 2026: दिल्ली में आज सोमवार (8 जून) को विपक्ष के INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक होने जा रही है। INDIA गठबंधन की यह बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुलाई गई है। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के अन्य कई बड़े नेता शामिल होंगे। वहीं कांग्रेस के साथ इस बैठक में अन्य 23 विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। जो अपने-आप को INDIA गठबंधन का हिस्सा दर्शा रहे हैं।

एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा था, ''23 राजनीतिक दलों ने सोमवार, 8 जून 2026 को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली INDIA जनबंधन की बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है। कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है, हालांकि उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों और कार्रवाइयों का कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जो लाखों भारतीयों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही हैं, रोज संविधान पर हमला कर रही हैं, जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही हैं।''

क्यों हो रही INDIA गठबंधन की बैठक?

INDIA गठबंधन की यह बड़ी बैठक ईरान-अमेरिका तनाव के बीच देश में महंगाई के हालातों, सरकार की विदेश नीति, पेपर लीक और बेरोजगारी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा और सरकार को घेरने को लेकर की जा रही है। इसके अलावा इस बैठक में 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति भी तय होगी। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा, "राहुल गांधी देश के महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और जुझारू नेता हैं और सरकार उनसे डरती है। INDIA गठबंधन में 23 दल हैं। ठीक तरह से बैठक होगी और 2029 की रणनीति तय होगी। हमारी बैठक का एजेंडा है कि देश के गद्दारों को सत्ता से हटाया जाए।''

वहीं INDIA गठबंधन की बैठक पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "मौजूदा सरकार जिस तरह से काम कर रही है, महंगाई जिस तरह से आसमान छू रही है और बेरोजगारी जिस तरह से बढ़ी है, उसे देखिए। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे युवा प्रभावित हो रहे हैं। आपने NEET परीक्षा को लेकर हालात देखे ही होंगे; लोगों में निराशा का माहौल है... इसलिए, सभी राजनीतिक पार्टियां भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। भले ही 1-2 पार्टियां अभी हिचकिचा रही हों, लेकिन आखिरकार उन्हें साथ आना ही होगा।''

AAP ने कहा- हम गठबंधन का हिस्सा नहीं

INDIA गठबंधन की बैठक में जाने से आम आदमी पार्टी ने साफ मना कर दिया है। खुद AAP नेता संजय सिंह ने INDIA गठबंधन की बैठक पर कहा, "मैं पहले ही इस बात को स्पष्ट कर चुका हूं कि AAP INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। जब हम INDIA गठबंधन का हिस्सा ही नहीं हैं तो फिर उस बैठक में जाने का क्या मतलब है? हम मीटिंग में शामिल नहीं होंगे।" बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 की हार के बाद ही आम आदमी पार्टी और INDIA गठबंधन के बीच दरार पड़ गई थी। इसके बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव और दिल्ली चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह से खुद को INDIA गठबंधन से अलग कर लिया।

BJP ने कहा- INDIA गठबंधन है ही नहीं

इधर INDIA गठबंधन को लेकर बीजेपी ने बड़ा निशाना साधा है। बीजेपी नेता और यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDIA गठबंधन 2024 में ही टूट चुका है। देश की जनता 2029 के चुनाव का इंतजार कर रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की भूमिका निभाने में कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है। जब 2029 के लोकसभा चुनाव होंगे तब देश में कांग्रेस नहीं रहेगी और उत्तर प्रदेश में सपा नहीं रहेगी। लोग कोई तीसरा विकल्प अपने आप चुन लेंगे।"

वहीं बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "INDIA गठबंधन नाम का कोई गठबंधन अब नहीं है। INDIA गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद ही भंग हो गया था। इनके पास नेता, नीति और नेतृत्व नहीं है। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को कोंसने के अलावा इन लोगों का कोई एजेंडा नहीं है। ये लोग केवल सुविधा की राजनीति करते हैं। वहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, ''आगामी 20 साल में भारत की सत्ताधारी पार्टी, भाजपा को हटाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है लेकिन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए एक सशक्त विपक्ष की जरूरत है। दुर्भाग्य है कि भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में कोई काबिल विपक्ष नहीं है।''