एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर ) पद पर तैनात  आईपीएस नवदीप विर्क बने  नए  प्रधान सचिव

एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर ) पद पर तैनात आईपीएस नवदीप विर्क बने नए प्रधान सचिव

एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर ) पद पर तैनात आईपीएस नवदीप विर्क बने नए प्रधान सचिव

शत्रुजीत और कला रामचंद्रन के बाद  पद  सँभालने वाले तीसरे आईपीएस अधिकारी

नियमानुसार विशेष परिस्थितियों में ही गैर-आईएएस तैनात हो सकता है आईएएस कैडर पद पर

चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार के  कार्मिक विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी एक आदेश से प्रदेश के  आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा ) कैडर के  1994 बैच के अधिकारी नवदीप सिंह विर्क, जो अब तक प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी ) लॉ एंड आर्डर (कानून एवं व्यवस्था  ) के पद पर तैनात थे, उन्हें राज्य सरकार के  ट्रांसपोर्ट (परिवहन ) विभाग का प्रधान  सचिव तैनात किया गया  गया है.

 रोचक बात यह है बीते चार माह से  उक्त पद पर अर्थात  सितम्बर, 2021 से  विर्क की धर्मपत्नी एवं उन्ही के 1994   बैच की आईपीएस   अधिकारी कला रामचंद्रन, एडीजीपी, ही   ट्रासंपोर्ट  विभाग के  प्रधान सचिव के पद   पर तैनात थीं. हालांकि रामचंद्रन के पास  इसके साथ साथ एडीजीपी/महिला विरूद्ध अपराध का कार्यभार भी रहा.

उससे पूर्व  प्रदेश  सरकार द्वारा अक्टूबर, 2020 में  परिवहन विभाग के प्रधान सचिव के पद  पर 1990 बैच के आईपीएस  शत्रुजीत कपूर को  तैनात किया गया था जिन्हे 11 माह बाद इस पद से बदलकर   प्रदेश विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक के पद पर तैनात किया गया जहाँ वह अब भी  तैनात हैं.

इसी बीच  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट  हेमंत कुमार ने बताया कि आईएएस  कैडर नियमावली, 1954 के अनुसार केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा हर राज्य के लिए निर्धारित एवं अधिसूचित  आईएएस  कैडर  पदों पर राज्य सरकार द्वारा सामान्यत: केवल आईएएस  अधिकारी ही तैनात किये जा सकते हैं. हालांकि राज्य सरकार अस्थायी तौर पर गैर-आईएएस  कैडर के अधिकारियों को अर्थात आईपीएस, आईएफएस (भारतीय वन सेवा ), आईआरएस ( भारतीय राजस्व सेवा ) आदि    अधिकारियों को भी आईएएस कैडर पदों पर तीन महीने की अवधि तक के लिए तैनात कर सकती है परन्तु उससे  बाद उनका कार्यकाल आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी  आवश्यक है.

यही नहीं गैर -आईएएस अधिकारियों को आईएएस  कैडर  पदों पर तीन महीने की उक्त अस्थायी तैनाती भी दो  विशेष परिस्थितियों में ही की जा सकती है जैसे कि प्रदेश के  आईएएस  कैडर अधिकारियों  में से इन पदों पर लगाने के लिए कोई उपयुक्त आईएएस  अधिकारी उपलब्ध न हो अथवा जिस आईएएस कैडर  के पद पर गैर-आईएएस  अधिकारियों को तैनात किया जाना  है, वह पद केवल तीन महीने तक ही चलने वाला हो. अब यह दोनों परिस्थितियाँ प्रदेश में आईएएस कैडर के अधिकाँश उन   पदों पर लागू  नहीं होती हैं  जहाँ मौजूदा तौर पर  गैर-आईएएस तैनात हैं.  

गत वर्ष  हेमंत ने केंद्र  सरकार के कार्मिक विभाग में एक  आरटीआई  दायर कर हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के मध्य गत  7 वर्षो में हुए पत्राचार की प्रतियां मांगी  जिसमें प्रदेश  सरकार द्वारा केंद्र  से आईएएस कैडर पदों पर तीन महीने से अधिक समय तक  गैर-आईएएस को तैनात रखने  की मंजूरी  मांगी गयी थी. इसके जवाब में उन्हें  जो दस्तावेज भेजे गए उससे यही स्पष्ट होता है कि केवल तत्कालीन चार एचसीएस - गिरीश अरोड़ा, मुकुल कुमार, जय कृष्ण अभीर और धर्मवीर सिंह को वर्ष 2018 में  विभिन्न ज़िलों के डीसी पद पर, जो आईएएस का कैडर पद होता है, पर तैनात रखने और  इसके अलावा सुरेश दलाल, आईएफएस और राजीव परिषद, एचसीएस के  सम्बन्ध में ही ऐसी स्वीकृति मांगी गयी थी. इसके अलावा अन्य  किसी अधिकारी के सम्बन्ध में कोई सूचना नहीं  है.  गिरीश, मुकुल, अभीर और धर्मवीर चारों एचसीएस अधिकारी मई, 2019 में आईएएस में प्रोमोट हो गए थे.    

हेमन्त ने बताया कि वर्तमान में नवदीप सिंह विर्क के अलावा ट्रांसपोर्ट विभाग के कमिश्नर एवं सचिव पद पर  1997 बैच के आईपीएस अमिताभ ढिल्लों तैनात है. 1996 बैच के आईपीएस हनीफ कुरैशी के पास नव एवं अक्षय  ऊर्जा विभाग के महानिदेशक और सचिव का भी कार्यभार है. 2006 बैच के आईपीएस शशांक आनंद जो सीआईडी  के डीआईजी हैं, उन्हें बीती 31 दिसंबर को ही डायरेक्टर, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी ) का अतिरिक्त चार्ज दिया गया,.इसी प्रकार ओएसडी, खेलो इंडिया  और    खेल और युवा मामले विभाग के निदेशक एवं  विशेष सचिव पद पर  2007 बैच के आईपीएस पंकज नैन तैनात हैं. 1993 बैच के आईपीएस अलोक मित्तल, जो  एडीजीपी , सीआईडी है उनके पास  अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर, हरियाणा भवन, न


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