हिमाचल विद्युत पेंशनर्स फोरम ने बकाया भुगतान न होने पर 31 मार्च तक सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी

हिमाचल विद्युत पेंशनर्स फोरम ने बकाया भुगतान न होने पर 31 मार्च तक सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी

Himachal Vidyut Pensioners Forum warns of taking

Himachal Vidyut Pensioners Forum warns of taking

शिमला। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने सरकार को दो टूक चेतावनी दे दी है। फोरम की जिलास्तरीय बैठक मंगलवार को सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर जेएस चंदेल की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन फोरम के सचिव चेतराम शर्मा ने किया।  फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया।

शीत ऋतु के कारण विगत दो महीनों से बैठक आयोजित नहीं हो सकी थी, इसके चलते इस बार पेंशनरों से जुड़े विभिन्न लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत एवं गंभीर चर्चा की गई।

सचिव चेतराम शर्मा ने सदस्यों को फोरम की हालिया गतिविधियों से अवगत करवाया और प्रबंधन वर्ग पर आरोप लगाया कि वह पेंशनरों की वास्तविक एवं न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी कर रहा है। 

ये मांगें वर्षों से लंबित

50 प्रतिशत एरियर, संशोधित ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, बकाया पेंशन तथा संशोधित वेतनमान के अंतर्गत देय राशि का भुगतान पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ा है। इससे हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। 

स्मार्ट मीटर के विरोध में रैली

कई पेंशनर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें अपना ही अर्जित धन पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सभी सदस्यों ने पांच मार्च को हमीरपुर मे स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रस्तावित रैली में सभी पेंशनरों से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। 

एरियर का एकमुश्त भुगतान नहीं हुआ

फोरम ने विशेष रूप से इस बात पर रोष व्यक्त किया कि जनवरी माह में बोर्ड द्वारा 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पेंशनरों को एरियर का समस्त भुगतान करने के आदेश जारी किए गए थे। आज तक उसका क्रियान्वयन नहीं हुआ। इसे अत्यंत आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। 

फोरम के अनुसार, बोर्ड प्रबंधन द्वारा केंद्रीय कार्यकारिणी को बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे पेंशनरों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

परिवार सहित सड़क पर उतरेंगे

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार एवं बोर्ड प्रबंधन द्वारा 31 मार्च तक समस्त बकाया एरियर और देय भुगतान जारी नहीं किया गया, तो फोरम की केंद्रीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में पेंशनर अपने परिवारों सहित सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। फोरम ने स्पष्ट किया कि यह उनका अधिकारों के लिए अंतिम और निर्णायक संघर्ष होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार और बोर्ड प्रबंधन की होगी।