हेमंत सोरेन पर हाईकोर्ट का जुर्माना: ED अधिकारियों के खिलाफ SC-ST मामले में जवाब देने में देरी पर सख्त रुख
High Court Fines Hemant Soren
रांची। High Court Fines Hemant Soren, झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई।
जिसके बाद अदालत ने उनपर एक हजार का जुर्माना लगाते हुए जवाब दाखिल करने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने कहा कि उक्त राशि झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) में जमा की जाए। मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
इस संबंध में ईडी के तत्कालीन अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर हेमंत सोरेन की ओर से एससी-एसटी के तहत दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है।
हेमंत सोरेन ने रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल व अन्य अज्ञात के विरुद्ध 31 जनवरी को एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
हेमंत सोरेन ने कहा था कि ईडी के अधिकारियों ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक रांची में रहने के लिए कहा था। इसी बीच उनके दिल्ली स्थित आवास पर उनकी अनुपस्थिति में बिना किसी पूर्व सूचना के छापामारी की गई।
हेमंत सोरेन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि केंद्रीय जांच एजेंसी के इस झूठे, बनावटी कृत्य से वह मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हुए हैं। ईडी ने मीडिया में भ्रम फैलाने का काम किया है। उन्हें जनता के बीच बदनाम करने की कोशिश की गई है।