झारखंड में 'हीट वेव' का कहर: तापमान 44°C के पार; स्कूलों में छुट्टी पर विचार और अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' वार्ड अलर्ट

झारखंड में 'हीट वेव' का कहर: तापमान 44°C के पार; स्कूलों में छुट्टी पर विचार और अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' वार्ड अलर्ट

HeatwavevHavoc in Jharkhand: Temperatures Soar Past 44°C

'Heatwave' Havoc in Jharkhand: Temperatures Soar Past 44°C

रांची। 'Heatwave' Havoc in Jharkhand: Temperatures Soar Past 44°C, राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड में कर दिया है।

आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि भीषण गर्मी से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए और आम लोगों की सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।

मंत्री ने विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में गर्मी का असर अधिक है, वहां हालात के अनुसार स्कूलों में कुछ दिनों की छुट्टी घोषित करने पर तत्काल विचार किया जाए। तेज धूप और लू के बीच बच्चों को स्कूल भेजना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

सरकारी अस्पतालों को निर्देश

स्वास्थ्य विभाग को भी मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक तथा डिहाइड्रेशन से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था रहे।

डॉक्टरों, नर्सों, सहिया कर्मियों और अन्य चिकित्सा कर्मियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। अस्पतालों में जरूरी दवाएं, बेड और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है।

मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, गुमला, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की आशंका है।

 

आम लोगों के लिए एहतियात

सरकार ने लोगों को दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है।

मंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।