यूटी डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुडा के दिशा निर्देश

यूटी डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुडा के दिशा निर्देश

Guidelines from UT DGP Dr. Sagar Preet Hooda

Guidelines from UT DGP Dr. Sagar Preet Hooda

यूटी पुलिस के ऑपरेशन सैल पुलिस ने विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा गैंग से जुड़े 3 आरोपी गुर्गों को मुठभेड़ में किया गिरफ्तार।

पकड़े गए आरोपी गुर्गे शहर में गाड़ी स्नैच करने के फिराक में थे।

पकड़े गए आरोपियो के कब्जे से पुलिस ने तीन एडवांस पिस्टल (जिसमें एक ग्लॉक 26 और एक जिगाना पिस्टल शामिल है) 

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Guidelines from UT DGP Dr. Sagar Preet Hooda: यूटी पुलिस के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा के दिशा निर्देशानुसार चंडीगढ़ पुलिस का ऑपरेशन सेल अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन सैल पुलिस ने आदेशों की पालना करते हुए विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा गैंग से जुड़े 3 आरोपी गुर्गों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपी गुर्गों की पहचान पंजाब के जिला गुरदासपुर के रहने वाले 19 वर्षीय प्रभजोत सिंह वह फरवरी महीने में मलेशिया से भारत आया था। और जब वह मलेशिया में काम कर रहा था।तो वह अर्शदीप के संपर्क में आया।जो जिला तरनतारन का रहने वाला था।जिसने उसे गैंगस्टर मोहब्बत रंधावा और डोनी बाल से मिलवाया। वह गुरप्रीत उर्फ ​​गोपी निज्जर की हत्या में शामिल था।और पंजाब के जिला कपूरथला में मामला दर्ज है।पकड़े गए उक्त आरोपी के कब्जे से एक जिगाना पिस्टल (.30 बोर) 03 ज़िंदा कारतूस,01 खाली कारतूस बरामद।पकड़े गए दूसरे आरोपी की पहचान पंजाब के जिला तरनतारण के रहने वाले साढ़े 18 साल के जोबनप्रीत सिंह अमृतसर के सामने फ़ूड स्टॉल पर काम करता था। वह अजय के ज़रिए गैंगस्टर्स के संपर्क में भी आया। जिसे विदेश में बसाने के बहाने उनका फ़ुट सोल्जर बनने के लिए पूरी तरह से तैयार किया गया था। वह गुरप्रीत उर्फ ​​गोपी निज्जर की हत्या में शामिल था और कपूरथला में मामला दर्ज उसी के लिए वांछित था। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल (.32 बोर) दो जिंदा कारतूस बरामद। यूटी पुलिस के आईजी पुष्पेंद्र कुमार, डीआईजी राजीव रंजन सिंह,एसपी ऑपरेशन गीतांजलि खंडेलवाल के मार्गदर्शन में और ऑपरेशन सैल के डीएसपी डॉ विकास शयोकद,और इंस्पेक्टर सतविंदर की देखरेख में 

Guidelines from UT DGP Dr. Sagar Preet Hooda

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार एसपी ऑपरेशन गीतांजलि खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 18 मई को ऑपरेशन सेल की एक टीम गश्त पर थी।उन्हें एक गुप्त सूचना मिली कि डोनी बाल और मोहब्बत रंधावा गैंग के तीन गुर्गे प्रभजोत, अजय और जोबनप्रीत,जो पहले ही गोपी निज्जर, कपूरथला की हत्या कर चुके हैं।स्वचालित पिस्टल से लैस हैं।और चंडीगढ़ में कुछ अपराध करने के लिए घूम रहे हैं। इसके लिए वे बस स्टैंड सेक्टर 43 के पास से बंदूक की नोक पर एक कार छीनने की योजना बना रहे थे। इस सूचना पर, सेक्टर 43 बस स्टैंड के पास एक जाल बिछाया गया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान हो गई और जब पुलिस पार्टी ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। तो वे जंगल क्षेत्र की ओर भागने लगे। जोबनप्रीत को एक .32 बोर पिस्टल के साथ काबू कर लिया गया।जबकि प्रभजोत सिंह और अजय ने निशाना साधते हुए गोलियां चला दीं। पुलिस पार्टी ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी लेकिन वे पुलिस पार्टी पर गोलीबारी करते रहे। एक गोली पुलिस पार्टी के एक सदस्य की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी।जो की बाल बाल बच गया। पुलिस पार्टी ने इलाके को कवर किया और जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं।भागने का कोई रास्ता न देखकर आरोपियों ने सरेंडर करने का फैसला किया। कुल 5 फायर राउंड फायर किए गए।जिनमें से तीन आरोपियों ने और दो पुलिस पार्टी की तरफ से फायर किए गए। सीनियर अधिकारियों, सीएफएसएल और दूसरी टीमों ने मौके का दौरा किया। थाना 36 पुलिस ने पकड़े गए आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज किया है।पुलिस पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि तीनों गैंगस्टर मोहब्बत रंधावा और डोनी बाल के साथ एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में थे। इन विदेश में रहने वाले गैंगस्टर्स के कहने पर, उन्होंने 30 अप्रैल 2026 की सुबह कपूरथला में गैंगस्टर सुखा काहलवां मर्डर केस के आखिरी गवाह गैंगस्टर गुरप्रीत उर्फ ​​गोपी निज्जर का मर्डर किया। उसके बाद, डोनी बाल गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए मर्डर की ज़िम्मेदारी ली। प्रभजोत सिंह और जोबनप्रीत सिंह मुख्य शूटर थे।साथ ही गौरव उर्फ ​​गोला जो पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। जबकि अजय ने उन्हें और एक साज़िश करने वाले को हथियार दिए थे। इससे पहले, वे डोनी बल,शगनप्रीत और मोहब्बत रंधावा के कहने पर दूसरे शूटर्स को हथियारों की तस्करी में शामिल रहे।

पकड़े गए आरोपी तरन तारण निवासी 24 वर्षीय अजय पाल सिंह अजय का पहले से ही दागदार अतीत रहा है। अर्शदीप उसका बचपन का दोस्त था।क्योंकि दोनों एक ही गाँव दीनेवाल के हैं। वह अर्शदीप के माध्यम से गैंगस्टर के संपर्क में भी आया और जोबनप्रीत से उसे और अन्य गैंगस्टरों से मिलवाया। उसने हथियारों का इंतज़ाम किया और शूटरों को हथियार दिए और घटना से पहले उसे इसकी जानकारी थी। उसने जोबनप्रीत को भी हत्या करने के लिए शूटरों के साथ जाने के लिए मजबूर किया। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक ग्लॉक पिस्टल 9 एमएम, दो खाली कारतूस, बरामद किए।पकड़े गए उक्त आरोपी के खिलाफ सतनामपुर, अमृतसर और होशियारपुर में मामले दर्ज पाए गए है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी गुर्गे शहर से  शहर में गाड़ी स्नैच करने के फिराक में थे।इन तीन गुर्गों की गिरफ्तारी के साथ, चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा के नेटवर्क को खत्म कर दिया है।