उदयपुर भाजपा में रार: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का धर्म नारायण जोशी पर करारा वार—"समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है"
Governor Gulab Chand Kataria Launches a Scathing Attack
Rift in Udaipur BJP, उदयपुर में भाजपा की बढ़ती गुटबाजी को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। इसी बीच पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है। उन्होंने गुटबाजी करने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग जनता की सेवा करते हैं, वही सार्वजनिक रूप से खड़े रहने का साहस रखते हैं।
पुराने वीडियो विवाद पर प्रतिक्रिया
कटारिया ने 10 साल पुराने वीडियो के विवाद का जिक्र करते हुए धर्म नारायण जोशी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जोशी केवल एक चुनाव लड़कर विधानसभा क्यों छोड़कर चले गए। उनके अनुसार पार्टी टिकट देने को तैयार थी, लेकिन संभवतः उन्हें खुद पर भरोसा नहीं रहा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच काम करने वाला व्यक्ति ही खुले तौर पर जनता का सामना कर सकता है।विज्ञापन
अपने राजनीतिक जीवन का दिया हवाला
मीडिया से बातचीत में कटारिया ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मूल्यांकन जनता करेगी। उन्होंने बताया कि वे पिछले 40-50 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय हैं और लगातार जनता के बीच रहकर काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया है, जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक किया जा सकता है।
सोशल मीडिया और पत्र विवाद पर टिप्पणी
सोशल मीडिया पर हो रही टिप्पणियों और राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र पर कटारिया ने कहा कि वे इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे अपने एक साल का कामकाज भी सामने रखें।
संवैधानिक पद का हवाला, आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी से इनकार
कटारिया ने उदयपुर भाजपा की वर्तमान स्थिति पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए वे पार्टी की आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने शहर विधायक ताराचंद जैन के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि जनता उनके कार्यों की तारीफ कर रही है।
संघर्षों का जिक्र और पुराना अनुभव किया साझा
कटारिया ने अपने राजनीतिक जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी हार का सामना किया है। उन्होंने इंदिरा गांधी के दौर का उदाहरण देते हुए बताया कि वे 1100 वोटों से चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और लगातार सक्रिय रहे।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब सामने आया जब 10 साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें धर्म नारायण जोशी कथित रूप से कटारिया का विरोध करते नजर आए। इसके बाद जोशी के करीबी नेता द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कटारिया के उदयपुर दौरों और सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल उठाए गए थे।
कटारिया ने अंत में कहा कि उन्हें इन घटनाओं से कोई पीड़ा नहीं होती और वे आगे भी जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ही उनके काम का अंतिम मूल्यांकन करेगी।