राम मंदिर से लेकर हिंदुत्व तक... यूपी चुनाव से पहले भाजपा-सपा में नैरेटिव की जंग तेज, सोशल मीडिया बना नया रणक्षेत्र

राम मंदिर से लेकर हिंदुत्व तक... यूपी चुनाव से पहले भाजपा-सपा में नैरेटिव की जंग तेज, सोशल मीडिया बना नया रणक्षेत्र

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From the Ram Mandir to Hindutva...

लखनऊ। From the Ram Mandir to Hindutva... अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रभु श्रीराम और उनके मंदिर का मुद्दा राजनीतिक दलों की रणनीतियों के केंद्र में आ गया है। चढ़ावा चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी आक्रामक है। सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। उनकी कोशिश हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को कमजोर करने की है, जिसके सहारे वह पिछले एक दशक से चुनावी लाभ हासिल करती रही है। वहीं, भाजपा एक रणनीति के तहत सपा पर उसके ही इतिहास के सहारे पलटवार कर रही है।

भाजपा नेता कारसेवकों पर गोली चलवाने जैसे मामले याद दिला रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर भी पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल के पुराने वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें मंदिर आंदोलन के दौरान सपा सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का उल्लेख है। चढ़ावे मामले में भाजपा को घेरने वाले गीत, वीडियो, एआइ वीडियो आदि भी खूब प्रसारित हो रहे हैं और इंटरनेट मीडिया पर नैरेटिव की जंग जोरों से चल रही है।

भाजपा को हिंदुत्व की पिच पर ही चुनौती देने की रणनीति पर सपा पहले से काम कर रही है। महाकुंभ आयोजन के बाद से अखिलेश यादव लगातार सनातन सम्मान से जुड़े हर मुद्दे पर मुखर हैं। चढ़ावा चोरी का मामला उन्होंने सबसे पहले उठाया था। इसके बाद जनभावनाएं मुखर होती देख सपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा पर सनातन आस्था के साथ विश्वासघात के आरोप लगाए जा रहे हैं और सपा खुलकर राम और सनातन में अपनी आस्था दर्शा रही है।

इसी नैरेटिव को आगे बढ़ाते हुए सपा प्रमुख ने ‘क्या फिर से चले गए वनवास’ वीडियो गीत अपने एक्स हैंडल पर साझा किया था। इंटरनेट मीडिया पर चढ़ावा चोरी से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के दौरान उनके स्वागत में हनुमान की प्रतिकृति के नृत्य करने के मीम और एआइ वीडियो के माध्यम से हमले किए जा रहे हैं।

इसके जवाब में भाजपा भी सपा को रामद्रोही करार दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य नेता मंदिर आंदोलन के दौरान सपा के विरोध की याद दिला रहे हैं। मुलायम सरकार में कारसेवकों पर गोली चलवाने का मामला उठा रहे हैं और हाल ही में उन्होंने हनुमान गढ़ी में नमाज पढ़वाने के भी आरोप लगाए हैं। साथ ही, इंटरनेट मीडिया पर हिंदुत्व पर सवाल उठाते सपा के वीडियो आदि साझा हो रहे हैं। इनमें मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव के वीडियो भी हैं।

हाल ही में लखनऊ सहित कई शहरों में कारसेवकों पर गोली चलवाने और हनुमान गढ़ी में नमाज पढ़वाने जैसे मुद्दों पर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के पोस्टर लगाकर सपा के हिंदुत्व पर सवाल खड़े किए गए थे। इनमें ‘दिल में बाबर, मुंह में राम’ लिखे पोस्टर भी शामिल थे। मंदिर आंदोलन के इतिहास के चलते नैरेटिव की इस लड़ाई में सपा के सामने चुनौती भाजपा से ज्यादा दिखती है।

हालांकि पार्टी का मानना है कि उस पर हिंदुत्व विरोधी होने के आरोप तो हर चुनाव में लगते रहे हैं। ऐसे में वह भाजपा पर हमले जारी रखेगी। इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण और सपा प्रमुख के अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दर्शन करने के बाद इस रणनीति को और धार मिलेगी।

विधानसभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा के बीच हिंदुत्व के मुद्दे पर यह राजनीतिक लड़ाई जमीन से लेकर इंटरनेट मीडिया तक पर अभी और तेज ही होगी।