अंतिम विदाई: सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए ऊना के वीर मनीष कुमार
Final farewell: Una's brave Manish Kumar immersed
बंगाणा (ऊना)। जिला ऊना के क्यारियां गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को घालूवाल के बढेड़ा में पूरे सैनिक सम्मान के साथ किया गया। जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। इस दौरान क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और वातावरण अत्यंत गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि यह दुखद घटना अचानक कैसे घटित हो गई।
जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में ड्यूटी निभा रहे थे।
साथी जवान के साथ मृत मिला मनीष
रविवार सुबह जब सीआरपीएफ के अन्य जवानों ने उन्हें देखा तो वह अपने एक साथी के साथ मृत अवस्था में पाए गए। दोनों जवानों की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस संबंध में न तो सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है और न ही प्रशासन की ओर से पुष्टि की गई है।
11 वर्ष सेवाएं थी बाकी
मनीष कुमार वर्ष 1998 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी आयु 47 वर्ष थी और उनकी सेवा के अभी 11 वर्ष शेष थे। उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की और अपनी कर्तव्यनिष्ठा से परिवार तथा क्षेत्र का नाम रोशन किया।
पत्नी और बच्चे बेहाल
परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। उनकी बेटी जवाहर नवोदय विद्यालय पेखूवेला में अध्ययनरत है, जबकि पुत्र माउंट कार्मल स्कूल की चौथी कक्षा का छात्र है। जवान की असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दादा रहते हैं क्यारियां गांव में
बताया जाता है कि उनके दादा आज भी क्यारियां गांव में रहते हैं, जबकि मनीष कुमार ने अपने भाइयों के साथ घालूवाल के बढेड़ा में मकान बनाया था और वहीं परिवार सहित निवास कर रहे थे।
अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय प्रशासन, सीआरपीएफ के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।