ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लगाए गए फर्जी फर्स्ट एड सर्टिफिकेट का खुलासा, हरियाणा रेडक्रॉस ने जांच के दिए निर्देश
- By Gaurav --
- Saturday, 04 Jul, 2026
Fake First Aid Certificates for Driving
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जमा किए गए बेसिक रोड सेफ्टी एवं फर्स्ट एड सर्टिफिकेट में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। मामले के सामने आने के बाद रेडक्रॉस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिला सचिवों को ऐसे प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला तब सामने आया जब जिला रेडक्रॉस सोसायटी, पंचकूला की टीम ने कालका एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों के साथ जमा किए गए प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि कुछ फर्स्ट एड सर्टिफिकेट अधिकृत प्रक्रिया के तहत जारी नहीं किए गए थे और उनका विभागीय रिकॉर्ड से कोई मेल नहीं था।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी (DTO) ईशांक कौशिक ने जांच रिपोर्ट जिला सचिव को सौंपी। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई, जिस पर हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने संज्ञान लेते हुए सभी जिला रेडक्रॉस सचिवों को अपने-अपने जिलों में प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए।
चार प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाए गए
रेडक्रॉस टीम ने 23 जून 2026 को कालका एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों के साथ संलग्न रोड सेफ्टी और फर्स्ट एड प्रमाणपत्रों का विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया। इस दौरान ललित, संभावी सिंगला, दीपक कुमार और गौरव शर्मा के नाम से जमा किए गए चार प्रमाणपत्र कथित रूप से फर्जी पाए गए।
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रमाणपत्र कथित रूप से ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी कार्य करने वाले फर्जी एजेंटों या दलालों के माध्यम से तैयार कराए गए थे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रमाणपत्र जिला रेडक्रॉस सोसायटी के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और राज्यभर में ऐसे प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।