पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना का विस्तार: निजी अस्पतालों में 17 नई प्रक्रियाओं की मंजूरी
Expansion of Chief Minister's Health Scheme in Punjab
चंडीगढ़, 3 जून: Expansion of Chief Minister's Health Scheme in Punjab, लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर ढंग से पहुंचाने और सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भगवंत मान सरकार ने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 और मेडिकल प्रक्रियाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया गया है। यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पंजाब के अनगिनत परिवारों के लिए अस्पताल जाना अक्सर लंबी कतारों, भीड़-भाड़ वाले वार्डों और इलाज के लिए लंबी प्रतीक्षा करना माना जाता है। इस बोझ को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और व्यापक बनाते हुए उन 17 मेडिकल प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराने की अनुमति दे दी है, जो पहले केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित थीं।
इस फैसले से केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित प्रक्रियाओं की सूची और छोटी हो गई है और अब लाभार्थियों को काफी बड़े स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क से इलाज कराने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इससे खासकर उन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों पर अधिक मरीजों की निर्भरता है। उन्होंने कहा, "इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा, प्रतीक्षा समय कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।"
नई स्वीकृत प्रक्रियाएं विभिन्न मेडिकल विशेषताओं से संबंधित हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाले बड़े अस्पतालों में परेशान होने की बजाय अपने घर के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा।
कान, नाक और गला (ईएनटी) इलाज के तहत अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन कराए जा सकेंगे। ये आम ऑपरेशन हैं, जिनमें खास तौर पर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए समय पर इलाज जरूरी होता है।
जनरल सर्जरी के क्षेत्र में सबसे बड़ा विस्तार किया गया है। हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और ओपन तथा लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की गॉल ब्लैडर सर्जरी अब योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों की प्रतीक्षा घटेगी और घर के नजदीक इलाज का लाभ मिलेगा।
महिला स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। विस्तारित सूची में 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित यौन रूप से निष्क्रिय महिलाओं और यौन शोषण की पीड़िताओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच को शामिल किया गया है।
इन सेवाओं के शामिल होने से जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को और अधिक आसानी से एवं समय पर इलाज मिल सकेगा। इसी तरह नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी आंखों से संबंधित प्रक्रियाएं भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के इलाज और टखने के फ्रैक्चर के ऑपरेशन जैसी सर्जरी का लाभ मिलेगा। इन नई प्रक्रियाओं के पैकेज रेट 2,000 रुपये से 27,800 रुपये तक निर्धारित किए गए हैं।
इस एलान के साथ योजना के दायरे का एक और महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। अब अकेले रहने वाले व्यक्ति, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और स्वतंत्र रूप से रहने वाले अन्य व्यक्ति शामिल हैं, भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
सबके लिए उपलब्ध यह स्वास्थ्य बीमा प्रोग्राम पहले केवल दो या अधिक सदस्यों वाले परिवारों तक सीमित था। अब इसका लाभ उन माता-पिता को भी मिलेगा जिनके बच्चे विदेशों में रहते हैं। आवेदन देने के लिए पंजाब का आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को नामांकन के लिए एक घोषणा पत्र जमा करवाना होगा, जिसकी सत्यापन स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस समय 824 अस्पताल, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं। लगभग 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर करने वाली और लगातार विकसित होती हुई मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है, जो पहले से कहीं अधिक लोगों तक कैशलेस इलाज की सुविधा पहुंचा रही है।