Dushyant Chautala made a big statement on the banking scam in Haryana, saying –

हरियाणा में बैंकिंग घोटाले पर दुष्यंत चौटाला का बड़ा बयान, बोले- मल्टी स्टेट स्कैम की हो केंद्रीय जांच

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Dushyant Chautala made a big statement on the banking scam in Haryana, saying –

 

हरियाणा में प्राइवेट बैंकों के जरिए सरकारी फंड में कथित गड़बड़ी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए ‘मल्टी स्टेट स्कैम’ करार दिया है और इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग उठाई है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सैकड़ों करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले की जांच केवल राज्य स्तर की एजेंसियों के बस की बात नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो कई राज्यों में फैले इस मामले की प्रभावी जांच नहीं कर सकता, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को शामिल करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) से जांच कराने की मांग की है।

 घोटाले का दायरा बढ़ने का दावा

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस मामले के तार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी के फंड से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। साथ ही, इसमें शामिल बैंकों की संख्या भी बढ़कर तीन हो गई है। उन्होंने आशंका जताई कि यह घोटाला 500-700 करोड़ तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर जांच होने पर और बड़ा सामने आ सकता है।

उन्होंने कहा कि जेजेपी की मांग है कि सार्वजनिक धन से जुड़े इस गंभीर वित्तीय मामले की मॉनिटरिंग सीबीआई और एसएफआईओ जैसी एजेंसियों से करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

 तेल और गैस संकट पर भी जताई चिंता

दुष्यंत चौटाला ने अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए कहा कि इसका असर भारत में तेल और गैस आपूर्ति पर देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते पैदा हुए हालात का असर देश के कई राज्यों में दिख रहा है। कई जगहों पर गैस और तेल की किल्लत सामने आ रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

दुष्यंत ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गांवों में लोग गैस के अभाव में लकड़ी से खाना बनाने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की बजाय राशन डिपो पर केरोसिन देने की बात कर रही है, जो संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि तेल और गैस की आपूर्ति सुचारू की जाए और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।