शिमला: सरकारी आवासों के पानी बिलों का विवाद, 2.88 करोड़ रुपये की अदायगी अटकी

शिमला: सरकारी आवासों के पानी बिलों का विवाद, 2.88 करोड़ रुपये की अदायगी अटकी

Dispute over Water Bills for Government Residences

Dispute over Water Bills for Government Residences

शिमला। Dispute over Water Bills for Government Residences, हिमाचल में सरकारी आवासों के पानी के बिलों की अदायगी का मामला नियमों की जटिलताओं में फंस गया है। जल शक्ति विभाग और शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएन) ने 1988 सरकारी आवासों के लिए लगभग 2.88 करोड़ रुपये के पानी के बिल जारी किए हैं। इन बिलों की अदायगी की प्रक्रिया अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह बिल उन आवासों के लिए हैं जो खाली हो चुके हैं और जिनका नया आबंटन होने में देरी हुई है।

बिल की राशि अधिक होने का कारण यह है कि आवासों के खाली होने के बाद नए आबंटन में समय लगा है। जल शक्ति विभाग ने इस मामले की फाइल अब राज्य सरकार को भेज दी है।

ये बिल वित्तीय वर्ष 2025-26 के हैं, जबकि नया वित्त वर्ष पहले ही शुरू हो चुका है। इस स्थिति में, सरकार को इस पर अंतिम निर्णय लेना है। पानी के बिलों की अदायगी का यह मामला शिमला सहित विभिन्न जिलों और उपमंडलों में बने सरकारी आवासों से संबंधित है।

जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी सरकारी आवासों में पानी के मीटर लगे हुए हैं और बिल मीटर के अनुसार काटे जाते हैं। बिल जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन अपडेट किया गया है। हालांकि, अदायगी न होने से ये बिल लंबित दिखाई दे रहे हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि इस मामले पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

ये हिमाचल में 1988 सरकारी आवासों के लंबित बिल है। इसमें 1650 मामले शिमला शहर के हैं। शिमला शहर में पानी की आपूर्ति शिमला जल प्रबंधन निगम द्वारा की जाती है। इसका 2,78,64,788 का बिल बकाया है। इसी तरह 288 सरकारी आवास विभिन्न जिलों, उपमंडलों में सरकारी विभागों के हैं। इनका बकाया बिल 10,91,638 रुपये है।