चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले जीएसटी कौंसिल बैठक से पूर्व टोबैको सेस (कर) बढ़ाने की मांग

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चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले जीएसटी कौंसिल बैठक से पूर्व टोबैको सेस (कर) बढ़ाने की मांग

चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले जीएसटी कौंसिल बैठक से पूर्व टोबैको सेस (कर) बढ़ाने की मांग

चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले जीएसटी कौंसिल बैठक से पूर्व टोबैको सेस (कर) बढ़ाने की मांग

नाडा इंडिया का अनुरोध सिगरेट और बीड़ी की जाये मंहगी

चंडीगढ़, नाडा यंग इंडिया नैटवर्क ने चंडीगढ़ में 28 और 29 जून को आयोजित होने वाली जीएसटी कौंसिल की बैठक से पूर्व तंबाकू और तंबाकू संबंधित उत्पादों पर कोंपेनेशेसन सेस में ईजाफा करने की मांग की है। इस पहल से सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा जो कि वैश्विक कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट में हुये नुकसान की भरपाई को पूरा करने के साथ साथ देश के हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर युवाओं के लिये एक सुरक्षित और हैल्थी वातावरण बना सके। इंटरनैश्नल डे एगेंस्ट ड्रग्स एब्यूज एंड एलीसीट ट्रेफिकिंग 2022’ पर आयोजित ‘शेयर ड्रग्स फेक्ट्स टू सेव लाईव्स’ नामक वैबिनार में नशे के खिलाफ जुटे संगठनों ने इस आहवान के माध्यम से सरकार से गुहार लगाते हुये तर्क दिया है कि तंबाकू और इससे संबंधित उत्पादों पर अतिरिक्त कर लगाकर मंहगा करने से लोगों को पहुंच दूर हो सकता है जिससे की सेहतमंद समाज की नींव कायम की जा सकती है।

नाडा इंडिया फाउंडेशन के चेयरमेन सुनील वात्सायन के अनुसार ‘ट्रेंड्स इन एफोर्डिबिलिटी आॅफ टोबेको प्रोडक्ट्स बीफोर एंड आफ्टर दी ट्रांजिशन टू जीएसटी ईन इंडिया’ पर हाल ही के शोध से पता चला है कि गत पांच सालों में सिगरेट, बीड़ी और स्मोकलैस टोबेको किफायती हुये है। अध्ययन पर इस बात पर बल दिया कि जीएसटी ने सिगरेट और स्मोकलैस टोबेको की बढती प्रवृति को बल दिया है जबकि बीड़ी की सामथ्र्य को कम करने के लिये कुछ नहीं किया गया।

उन्होंनें कहा कि 2017-18 में सभी तंबाकू उत्पादो की वार्षिक आर्थिक लागत 177,34 करोड़ रुपये का अनुमान है जो कि भारत के एक फीसदी जीडीपी है। सभी तंबाकू उत्पादो पर, विशेष रुप से सबसे अधिक खपत और सबसे सस्ते तंबाकू उत्पाद - बीड़ी पर उसके सामथ्र्य को कम करने की आवश्यकता है जिससे की इससे होने वाले घातक नुकसान को कम किया जा सके।

एनवाईआईएन चंडीगढ़ के गुड हैल्थ चैंम्पियन अक्षय शर्मा ने बताया कि स्वस्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे- 4 में भी स्पष्ट किया गया है कि बच्चे दस साल तक तंबाकू का स्वाद चख लेते हैं जो कि गहन चिंता का विषय है। उनके लाईफटाईम एडिक्ट बनने से पूर्व इन उत्पादों को मंहगा करना बहुत जरुरी है।