सिविल अस्पताल खरड़ में ‘चिट्टा’ सेवन की दूसरी घटना के बाद एसएमओ के तत्काल तबादले की मांग  

सिविल अस्पताल खरड़ में ‘चिट्टा’ सेवन की दूसरी घटना के बाद एसएमओ के तत्काल तबादले की मांग  

Demand for immediate transfer of SMO following

Demand for immediate transfer of SMO following

चंडीगढ़  25 जून : Demand for immediate transfer of SMO following, तीन अधिवक्ताओं अभिषेक मल्होत्रा, ए.पी.एस. छिब्बर और तेजिंदर सिंह  ने पंजाब के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग, डायरेक्टर हेल्थ और पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग को एक तात्कालिक फॉलो-अप शिकायत भेजी है। शिकायत में 22 जून 2026 को सुबह लगभग 7:00 बजे सिविल अस्पताल, खरड़ के अंदर “चिट्टा” (हेरोइन जैसे नशे) के खुले सेवन की दूसरी घटना का जिक्र किया गया है।


शिकायत में कहा गया है कि मई 2026 के अंतिम सप्ताह में पहली शिकायत और 01.06.2026 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश के बावजूद, अस्पताल के टॉयलेट में ड्यूटी समय के दौरान डॉ. नितिका (ईएमओ) की मौजूदगी में नशे का एक और मामला सामने आया। इस घटना की ताजा वीडियो रिकॉर्डिंग भी शिकायत के साथ सौंपी गई है।


अधिवक्ताओं ने इसे एसएमओ डॉ. राजेश कुमार की गंभीर लापरवाही, कर्तव्य में चूक और अक्षमता का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि नोटिस मिलने के बाद भी अस्पताल में बुनियादी सुरक्षा और निगरानी के उपाय लागू नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य सरकार के “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान को कमजोर करती है।


शिकायत में की गई मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
जांच लंबित रहने तक एसएमओ डॉ. राजेश कुमार का तत्काल तबादला किया जाए।
एसएमओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और संभावित निलंबन।
उच्च स्तरीय जांच कर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए।
अस्पताल में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और सिस्टम में सुधार किए जाएं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख करेंगे।