रांची में फार्मेसी संस्थानों पर सख्ती, बिना एनओसी चल रहे कॉलेजों की होगी गहन जांच

रांची में फार्मेसी संस्थानों पर सख्ती, बिना एनओसी चल रहे कॉलेजों की होगी गहन जांच

Crackdown on Pharmacy Institutes in Ranchi

Crackdown on Pharmacy Institutes in Ranchi

रांची। Crackdown on Pharmacy Institutes in Ranchi, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बिना एनओसी लिए तथा निर्धारित शर्तों को पूरा किए बगैर संचालित फार्मेसी संस्थानों की जांच का आदेश दिया है।

उन्होंने विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को विशेष टीम गठित कर गहन जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

मंत्री ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में बिना मानकों को पूरा किए इन संस्थानों के संचालन की अनुमति दी गई है।

आखिर किस प्रकार आवश्यक आधारभूत संरचनाओं, प्रयोगशाला, शिक्षकों की उपलब्धता के बिना ये संस्थान चल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता से सीधा जुड़ा हुआ है।

होगी कड़ी कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत, नियमों की अनदेखी या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल एवं फार्मेसी शिक्षा को बढ़ावा देने के पक्ष में है, लेकिन गुणवत्ता और नियमों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो संस्थान सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवेदन करेंगे, उनके मामलों पर सकारात्मक एवं त्वरित विचार किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित सभी फार्मेसी संस्थानों की मान्यता, आधारभूत संरचना, फैकल्टी, लैब सुविधा एवं छात्र हित से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।

इधर, बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग ने फार्मेसी संस्थानों की जांच कराई थी। लगभग 60 संस्थानों की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि 37 संस्थान बिना एनओसी के संचालित हो रहे थे।

कई संस्थानों के पास तो कुछ भी आधारभूत संरचनाएं नहीं थीं। कुछ के पास जमीन या भवन की उपलब्धता तक नहीं थी। इनमें अधिसंख्य संस्थान राजधानी रांची में संचालित हो रहे थे।