संगरूर उपचुनाव : सहानुभूति वोट के लिए कांग्रेस सिद्धू मूसेवाला के नाम का कर रही इस्तेमाल - गुरमेल सिंह
संगरूर उपचुनाव : सहानुभूति वोट के लिए कांग्रेस सिद्धू मूसेवाला के नाम का कर रही इस्तेमाल - गुरमेल सिंह

संगरूर उपचुनाव : सहानुभूति वोट के लिए कांग्रेस सिद्धू मूसेवाला के नाम का कर रही इस्तेमाल - गुरमेल सि

संगरूर उपचुनाव : सहानुभूति वोट के लिए कांग्रेस सिद्धू मूसेवाला के नाम का कर रही इस्तेमाल - गुरमेल सिंह

-माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध मूसेवाला के नाम का उपयोग करने के लिए 'आप' ने राजा वारिंग की आलोचना की

-सुखबीर बादल पर भी किया हमला, कहा- वोट पाने के लिए 'पंथिक कार्ड' खेल रहें

 
चंडीगढ़/संगरूर , 14 जून 

संगरूर उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरमेल सिंह ने कांग्रेस और अकाली पर तीखा हमला बोला और कहा कि दोनों पार्टियों का अंदरखाते गठबंधन है। इसी रणनीति के तहत दोनों पार्टी मिलकर दशकों से पंजाब को लूट रही है।

मंगलवार को गुरमेल सिंह ने निर्वाचन क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों व कस्बों का दौरा किया एवं कई जगहों पर नुक्कड़ सभाओं को भी संबोधित किया। सभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास आम आदमी पार्टी की बेदाग छवि को निशाना बनाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसीलिए वे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

संगरूर उपचुनाव : सहानुभूति वोट के लिए कांग्रेस सिद्धू मूसेवाला के नाम का कर रही इस्तेमाल - गुरमेल सिंह

दिवंगत लोकप्रिय गायक सिद्धू मूसेवाला की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का राजनीतिकरण करने के लिए गुरमेल सिंह ने कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वडिंग की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस संगरूर उपचुनाव प्रचार के दौरान प्रत्येक कार्यक्रम में जानबूझकर सिद्धू मूसेवाला के नाम का सहानुभूति वोट पाने के लिए कर रही है। जबकि सिद्धू मूसेवाला के दुखी माता-पिता ने अपील की है कि उनके नाम का राजनीतिक इस्तेमाल न किया जाए।

गुरमेल सिंह अकाली दल पर उपचुनाव में "पंथिक कार्ड" खेलने का आरोप लगाया और सुखबीर बादल पर भी जमकर हमला बोला।  उन्होंने सवाल किया कि बादल ने सिख कैदियों का मुद्दा उस समय क्यों नहीं उठाया, जब 2007 से 2017 के दौरान वे भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार चला रहे थे या जब हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में 7 साल तक मंत्री रही थी।

उन्होंने कहा कि अकाली दल इस चुनाव से इतना डरा हुआ है कि उसने संगरूर में अपने पोस्टर-बैनर में प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर बादल की तस्वीरें भी नहीं लगाई है। दरअसल, बादल परिवार को सिर्फ सत्ता और पैसा की भूख है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के भ्रष्टाचार और माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई ने मात्र तीन महीने में ही राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। इससे विपक्षी नेता परेशान हैं और आपस में मिलकर आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ फर्जी प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।