उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन विस्तार और मंत्रिमंडल फेरबदल पर असमंजस, चुनावी तैयारी पर सवाल

उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन विस्तार और मंत्रिमंडल फेरबदल पर असमंजस, चुनावी तैयारी पर सवाल

Confusion in Uttar Pradesh BJP over organisational expansion

Confusion in Uttar Pradesh BJP over organisational expansion

लखनऊ। नरेन्द्र मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी पांच माह पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने। केंद्र और प्रदेश संगठन की तमाम बैठकों के बाद भी अब तक प्रदेश संगठन की टीम तैयार नहीं हो सकी। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी सिर्फ आठ माह दूर है, ऐसे में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार और संगठन की पूरी टीम तैयार करना भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है।

 

बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनावी प्रबंधन संभाल रहे दिग्गज दिल्ली और लखनऊ लौट आए हैं। महिला जनाक्रोश अभियान भी 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा, ऐसे में पार्टी के सामने नई टीम बनाने एवं जमीनी कार्यकर्ताओं के समायोजन की चुनौती है। अप्रैल माह में ही दिल्ली और लखनऊ में कई बड़ी बैठकें हो चुकी हैं, जिसको लेकर कार्यकर्ता बड़े निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

भाजपा की 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद संगठन एवं सरकार को लेकर कोई प्रदेश स्तरीय निर्णय नहीं हुआ है। चर्चा जोर पकड़ रही है कि पार्टी का होमवर्क कई स्तरों पर अधूरा है। कुछ नामों पर खींचतान इतनी ज्यादा है कि पार्टी को अभियानों के बहाने निर्णय को टालने के लिए बाध्य होना पड़ा। वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े की लखनऊ में दो दिनी बैठक के बावजूद मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर पार्टी एक कदम आगे नहीं बढ़ी है।

 

चुनावी वर्ष में उत्तर प्रदेश में पांच माह से भाजपा में बड़े बदलावों की चर्चा है। सात साल बाद जिलों की इकाइयां तो बदल दी गईं, लेकिन पुराने कार्यकर्ताओं की नजर बोर्ड, आयोग एवं निगम के पदों पर टिकी है। उनकी उम्मीद इसलिए भी जगी क्योंकि होली के बाद पार्टी ने नगरीय निकाय में 2802 पदों पर कार्यकर्ताओं को समायोजन कर दिया, लेकिन इसके बाद निर्णय की गाड़ी असमंजस के ब्रेकर पर अटक गई है।

 

चुनाव नजदीक आने के बावजूद प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन में देरी से पार्टी के अंदर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। जनवरी से अप्रैल तक भाजपा एवं संघ के पदाधिकारियों की कई स्तरों पर चर्चा हुई। पहली बार छह क्षेत्रों की समन्वय बैठक में संघ और भाजपा नेताओं के सीएम योगी बैठे। एक मार्च को बनारस में काशी क्षेत्र, दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र, पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र, छह को कानपुर-बुंदेलखंड और सात मार्च को ब्रज क्षेत्र की समन्वय बैठक हुई।


राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण समेत कई अन्य पदाधिकारियों ने 20 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मुख्यमंत्री आवास पर बैठक की। 12 और 13 अप्रैल को राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी रहे विनोद तावड़े ने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, दोनों उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य वरिष्ठों से मंत्रियों का फीडबैक लिया।


उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के घर पर 22 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बैठे। बाद में प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की, लेकिन भाजपाइयों को बड़े बदलाव के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।