मध्य पूर्व तनाव से बढ़ी चिंता, IGoM की अहम बैठक आज, रक्षा मंत्री करेंगे नेतृत्व
Key IGoM Meeting
Key IGoM Meeting: पश्चिम एशिया के मध्य पूर्व में जारी संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी खाड़ी संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता बनी हुई है. भारत में भी इस संकट का असर दिखने लगा है. कई जगहों पर लोगों को गैस और पेट्रोल के लिए खासा संघर्ष करना पड़ रहा है. अब खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने गहराते संकट को देखते हुए लोगों से वर्क-फ्रॉम-होम, कम तेल के इस्तेमाल, विदेश यात्राओं में कटौती करने और सोने की खरीदारी पर रोक लगाने की अपील की है. पीएम की अपील के बाद आज दिल्ली में IGoM की अहम बैठक होने वाली है. तो कांग्रेस ने इस मसले पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है.
खाड़ी क्षेत्र में लगातार बने तनावपूर्ण हालात और ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर बढ़ते दबाव के बीच भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर है. दिल्ली में आज सोमवार को अहम बैठक होने वाली है. IGoM (Informal Empowered Group of Ministers) समूह की यह अहम बैठक साढ़े 10 बजे होने वाली है, जिसकी अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. बैठक में मध्य पूर्व क्षेत्र में बने संकटपूर्ण हालात को लेकर पर सभी संबंधित मंत्रालयों के सचिव मंत्रियों को जानकारी देंगे. साथ ही वर्तमान हालात पर भी समीक्षा की जाएगी.
PM मोदी की अपील के बाद अहम बैठक
IGoM समूह की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब एक दिन पहले पीएम मोदी ने देश की जनता से संकट को देखते हुए संयम बरतने की अपील की थी. उन्होंने कल अपने संबोधन में लोगों से पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ गैस का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर और संयम से करने की अपील की. यही नहीं उन्होंने कोरोना काल के दौरान शुरू किए गए वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था को फिर से शुरू करने की अपील की.
कांग्रेस के कार्ति बोले- स्पेशल सत्र बुलाएं
यही नहीं पीएम मोदी ने लोगों से अगले कुछ समय के लिए सोने की खरीद को लेकर भी संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, इसलिए परिवारों को एक साल तक समारोहों के लिए सोना खरीदने से बचना चाहिए.
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता और सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस अहम विषय पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. कार्ति ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर कहा, “पीएमओ की ओर से ये बहुत ही गंभीर “निर्देश” हैं. आखिर इनके पीछे की वजह क्या है? सरकार को इस पर चर्चा के लिए तुरंत संसद का सत्र बुलाना चाहिए. देश को विश्वास में लेना चाहिए और हमें मौजूदा हालात की असलियत से अवगत कराना चाहिए, जिनकी वजह से ये “अपीलें” जारी करना जरूरी हो गया है.”