सीएम योगी की सख्त चेतावनी: "सड़क पर नमाज़ मंजूर नहीं, संवाद से मानो वरना संघर्ष से देख लो"
CM Yogi's strict warning: "Namaz on the road is not acceptable
नई दिल्ली/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ अदा करने और यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
लखनऊ में एक निजी कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि सड़कों पर नमाज़ पढ़ना या किसी भी तरह की अराजकता फैलाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, "सड़क आम नागरिकों के आवागमन के लिए बनी है। हम किसी भी धार्मिक गतिविधि या नमाज़ की वजह से आम जनता के रास्ते को बाधित नहीं होने दे सकते।"
'संवाद से मानो, वरना संघर्ष के लिए तैयार रहो'
कानून-व्यवस्था पर कड़ा संदेश देते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर किसी भी तरह की अराजकता को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमारा काम सबसे पहले संवाद करना है। अगर लोग प्यार से और बातचीत से मानेंगे तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर कोई नियम नहीं मानेगा तो हमारे पास दूसरा तरीका भी है। संवाद से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में कुछ लोगों ने हाथ आजमाने की कोशिश की थी, तो उन्होंने सरकार की ताकत देख ली।'
संख्या अधिक हो तो शिफ्ट में पढ़ें नमाज़- योगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का राज हर नागरिक के लिए समान है और इसमें किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती। कहा, "अगर किसी जगह पर नमाज़ियों की संख्या अधिक है, तो लोग शिफ्ट (पालियों) में नमाज़ अदा कर सकते हैं या फिर अपने तय धार्मिक स्थलों (मस्जिदों/ईदगाहों) के भीतर ही जाएं। लेकिन सड़क पर आना स्वीकार्य नहीं है।"
उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा, "अगर आपको सिस्टम का हिस्सा बने रहना है, तो राज्य के नियमों और कानूनों का पालन करना ही होगा, क्योंकि कानून हर किसी के लिए सर्वोपरि है।"