पीएम मोदी का दून दौरा: आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक 13 ज़ोन में बंटा शहर, जिलाधिकारी ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप

पीएम मोदी का दून दौरा: आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक 13 ज़ोन में बंटा शहर, जिलाधिकारी ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप

City Divided into 13 Zones from Asharodi to Garhi Cantt

City Divided into 13 Zones from Asharodi to Garhi Cantt

देहरादून। पीएम मोदी के 14 अप्रैल के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में जोनल, सेक्टर और नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक पूरे रूट को 13 जोन में विभाजित करते हुए व्यवस्थाओं को समयबद्ध और त्रुटिहीन रखने के निर्देश दिए। प्रशासन का अनुमान है कि प्रधानमंत्री के स्वागत में पूरे मार्ग पर हजारों लोग स्वैच्छिक रूप से शामिल हो सकते हैं।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री के सम्मान में संभावित जनसमूह को देखते हुए हर बिंदु पर पेयजल, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, बैरिकेडिंग, स्वच्छता और कानून व्यवस्था की पुख्ता तैयारी होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को अपने-अपने सेक्टर में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

गणेशपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण के बाद देहरादून पहुंचकर मोदी का सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक आगमन होगा। बैठक में नगर आयुक्त नमामी बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त प्रवीण कुमार, संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान, उप जिलाधिकारी सदर हर गिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

गढ़ीकैंट कार्यक्रम स्थल पर विशेष व्यवस्था

मुख्य कार्यक्रम स्थल महिंद्रा ग्राउंड (जसवंत ग्राउंड) में आमजन के बैठने के लिए पंडाल, वाहनों की पार्किंग, पेयजल, सूक्ष्म जलपान और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था समय से पूरी करने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन और प्रवेश-निकास व्यवस्था को लेकर अलग से निगरानी रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित सड़क मार्ग पर विभिन्न चिह्नित स्थलों पर सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति भी होगी। स्थानीय लोक कलाकार पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देवभूमि की पहचान को सामने लाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य स्वागत को केवल औपचारिक आयोजन न रखकर सांस्कृतिक रूप देना भी है।