मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा 2026: बिना परमिट दौड़ेंगी 1600 मिनी बसें; गांव-गांव तक पहुँचेगी सुगम बस सेवा

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा 2026: बिना परमिट दौड़ेंगी 1600 मिनी बसें; गांव-गांव तक पहुँचेगी सुगम बस सेवा

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Chief Minister's Village Transport Service 2026

लखनऊ। Chief Minister's Village Transport Service 2026, गांव से जिले तक अब निजी यात्री बसें बिना परमिट चलेंगी। यह जरूर है कि इन बसों को दूसरे जिले में जाने की अनुमति नहीं होगी।

15 से 28 सीट वाली मिनी बसों का ड्राइवर, कंडक्टर, यात्रा का टिकट व किराया तय करने की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की ही होगी। प्रदेशभर में 1600 से अधिक बसों का संचालन शुरू कराने की तैयारी है।

प्रदेश के 59 हजार गांवों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा 2026 शुरू होनी है, इस योजना में पहले गांवों के लिए बसों को टैक्स व परमिट दोनों से छूट देने की का एलान हुआ था, लेकिन अब सिर्फ परमिट से छूट मिलेगी। बस स्वामी को नियमानुसार टैक्स देना होगा।

हर ब्लॉक में दो बसों का संचालन

परिवहन निगम पहली बार ऐसी योजना शुरू कर रहा है, जिसमें वाहन स्वामी पर ही सब कुछ होगा। हर विकासखंड में दो बसों का संचालन कराने का लक्ष्य रखा गया है, प्रदेश के 825 विकासखंडों के लिए 1600 से अधिक वाहन चलेंगे।

इसे ऐसे समझें किस मार्ग से कितने बजे वाहन निकलेगा यह भी वाहन स्वामी तय करेगा। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया, हर ग्राम पंचायत को सुगम एवं सस्ती परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए यह योजना शुरू की गई है। 15 दिन में इच्छुक दावेदार सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

1500 रुपये पड़ेगा मासिक शुल्क

जिलों में 15 से 28 सीट वाली बसें डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक हो सकती हैं। इनकी अधिकतम आयु सीमा आठ वर्ष रखी गई है।

परिवहन निगम 10 साल का अनुबंध करेगा और पांच वर्ष तक इसे बढ़ाया जा सकेगा। बस स्वामी का आवेदन शुक्ल दो हजार, सिक्योरिटी जमा राशि 5000 और प्रतिमाह 1500 रुपये एआरएम कार्यालय में जमा करना होगा। सिक्योरिटी राशि अनुबंध खत्म होने पर वापस की जाएगी।

हर गांव से दो फेरे लगाने होंगे

गांवों की सेवा का किराया वाहन स्वामी तय करेगा, बशर्ते राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से तय होने वाले किराए से अधिक न हो। वाहन को संबंधित गांव से दो फेरा लगाना अनिवार्य होगा एक से अधिक विकासखंडों में वाहन जा सकेगा और बसों की चयन सूची 15 से 45 दिन में जारी होगी। रूट का अंतिम निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।

दुर्घटना पर बस स्वामी ही देगा क्लेम

वाहन से दुर्घटना होने पर प्रभावितों को प्रतिकर राशि व बीमा आदि का क्लेम बस स्वामी को ही देना होगा।