रायपुर दोहरा हत्याकांड: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बरकरार रखी दोषी की उम्रकैद
Chhattisgarh High Court Upholds Convict's Life Sentence
बिलासपुर। Chhattisgarh High Court Upholds Convict's Life Sentence, रायपुर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आरोपित विक्की उर्फ सुखीराम यादव की अपील खारिज करते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने वारदात को बेहद क्रूर और बर्बर बताते हुए कहा कि यह सुनियोजित हत्या थी।
आरोपित का 22 वर्षीय एक युवती से प्रेम संबंध था। आरोपित के शादी से इनकार करने पर प्रेमिका ने पुलिस में रेप की एफआइआर दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया था।
जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपित ने केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर 22 जनवरी 2021 को महिला की चाकू मारकर हत्या कर दी। साथ ही मृतका की डेढ़ साल की बेटी को बेहोश करने के बाद रेलवे लाइन पर लिटा दिया।
मालगाड़ी की चपेट में आने से बच्ची दो टुकड़ों में कट गई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह निर्णय सुनाया।
पुलिस ने मामले में चश्मदीद गवाह नहीं होने पर वैज्ञानिक तरीके से विवेचना कर साक्ष्य एकत्र किया। ट्रायल कोर्ट ने 2022 में उसे हत्या और सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट को अहम साक्ष्य मानते हुए सजा को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि जहां मकसद ठीक से साबित हो जाता है और आरोपित का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है तो वहां मेडिकल सबूतों, एफएसएल और डीएनए एनालिसिस से आरोपित का दोषी ठहराया जाना पूरी तरह से सही है।