चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर-53 आवास योजना पर फिर संकट, बंद करने के प्रस्ताव पर होगा फैसला
Trouble again for Chandigarh Housing Board's Sector-53 housing scheme
चंडीगढ़। Trouble again for Chandigarh Housing Board's Sector-53 housing scheme, करीब एक दशक से अधर में लटकी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर-53 सामान्य आवास योजना को एक बार फिर वापस लेने की तैयारी की गई है। इससे पहले यह योजना दो बार रद हो चुकी है। अब इस योजना को बंद करने के प्रस्ताव पर बुधवार को होने वाली सीएचबी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद सीएचबी ने लगभग दस वर्ष बाद इस योजना को दोबारा शुरू करने की तैयारी की थी। इससे पहले अगस्त 2023 में तत्कालीन यूटी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इसे अनावश्यक बताते हुए रद कर दिया था।
इसके बाद 2 अगस्त 2023 को 372 फ्लैट्स के निर्माण के लिए जारी लगभग 200 करोड़ रुपये के टेंडर भी निरस्त कर दिए गए थे। बाद में नवंबर 2024 में योजना को फिर से मंजूरी मिली और जुलाई 2025 में सीएचबी ने इसे लॉन्च करने की प्रक्रिया शुरू की।
प्रस्ताव के अनुसार सेक्टर-53 की लगभग 9 एकड़ भूमि पर 192 एचआईजी, 100 एमआईजी और 80 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जाने थे। 11 सितंबर 2025 को प्रशासक की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य वास्तुकार को निर्देश दिए गए थे कि 20.77 एकड़ में से बची 8.975 एकड़ भूमि को मौजूदा नियमों के अनुसार दो हिस्सों में विभाजित कर ग्रुप हाउसिंग साइट के रूप में बेचने की संभावनाएं तलाशें।
साथ ही एफएआर, भवनों की ऊंचाई और घनत्व बढ़ाने जैसे विकल्पों पर भी विचार करने को कहा गया था, ताकि परियोजना आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य और विशेषकर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए किफायती बन सके। मास्टर प्लान के तहत भूमि के अन्य संभावित उपयोगों पर भी रिपोर्ट मांगी गई थी।
इन्हीं निर्देशों के मद्देनजर अब इस योजना को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। गौरतलब है कि मार्च 2025 में आयोजित डिमांड सर्वे में इस योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। 372 फ्लैटों के लिए 7,468 आवेदन प्राप्त हुए थे, यानी प्रत्येक फ्लैट के लिए लगभग 20 आवेदक थे, जिससे शहर में सीएचबी आवासों की मजबूत मांग सामने आई थी।
यह योजना पहली बार वर्ष 2018 में लाई गई थी, लेकिन फ्लैट्स की ऊंची कीमतों के कारण इसे वापस लेना पड़ा। उस समय 492 फ्लैट्स के लिए केवल 178 आवेदन मिले थे। तीन बेडरूम फ्लैट की कीमत लगभग 1.80 करोड़ रुपये, दो बेडरूम फ्लैट की 1.50 करोड़ रुपये और एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 95 लाख रुपये तय की गई थी।
इस बीच, बोर्ड की बैठक में सेक्टर-51ए की वर्ष 2016 की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत बने 200 दो-बेडरूम फ्लैट्स पर लागू 10 वर्ष की लॉक-इन अवधि को घटाकर 5 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।