कांग्रेस अकेले लड़ेगी चंडीगढ़ मेयर चुनाव: AAP से गठबंधन नहीं; गुरप्रीत सिंह गाबी को मेयर उम्मीदवार बनाया, अन्य 2 पदों के लिए कौन?

Congress Will Not Alliance With AAP For Chandigarh Mayor Chunav 2026

Congress Will Not Alliance With AAP For Chandigarh Mayor Chunav 2026

Chandigarh Mayor Chunav 2026: चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर सहमति नहीं बन पाई है। आज नामांकन के दिन कांग्रेस ने अकेले मेयर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। साथ ही कांग्रेस ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर इन तीनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों की भी घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने वार्ड नंबर-34 से पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी को मेयर उम्मीदवार बनाया है, जबकि वार्ड नंबर-13 से पार्षद सचिन गालव को सीनियर डिप्टी मेयर उम्मीदवार और वार्ड नंबर-28 से पार्षद निर्मला देवी को डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है।

BJP को रोक पाने के लिए AAP के पास नंबर नहीं

गठबंधन न होने की जानकारी देते हुए चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा निशाना साधा है। लकी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के अंदर आपस में ही बिखराव है और पार्टी के पार्षद एकजुट नहीं हैं। लकी ने कहा कि पहले ही आप के 2 पार्षद टूटकर बीजेपी में जा चुके हैं और अभी पंजाब भेजे गए आप के पार्षदों में से भी 2 पार्षद इधर-उधर हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के पास बीजेपी को मेयर पद पर जीत से रोकने के लिए पर्याप्त नंबर नहीं हैं। इसलिए हारी हुई बाजी के साथ जाने और लड़ने से क्या फायदा है।

वहीं लकी ने कहा कि यह सच है कि आप के साथ गठबंधन की बात चल रही थी लेकिन हमारे पार्षद भी इसके लिए राजी नहीं थे। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे सभी 6 पार्षद एकसाथ हैं और मजबूती से एकजुट हैं। इसलिए हम अलग और अकेले ही मेयर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। साथ ही आने वाले समय में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए भी कांग्रेस पूरी तरह से तैयारी कर रही है और अकेले ही चुनाव लड़ने उतरेगी। लकी ने दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस में और लोग जुड़ेंगे और पार्टी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।

अभी किस पार्टी के पास कितने पार्षद?

गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी से 2 महिला पार्षदों के बीजेपी में आने से बीजेपी के पार्षदों की संख्या अभी 18 है। पहले पार्टी के पास पार्षदों की संख्या 16 थी। मसलन बीजेपी ने अपनी जीत सुनिक्षित करने की तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर दी थी। वहीं आम आदमी पार्टी से 2 पार्षदों के टूटने के बाद इस समय AAP के पास पार्षदों की संख्या 11 रह गई है। जो कि पहले 13 थी। इसके अलावा कांग्रेस के पास कुल पार्षदों की संख्या इस समय 6 है। साथ ही कांग्रेस के पास एक वोट चंडीगढ़ के वर्तमान सांसद मनीष तिवारी का भी है।

इस बार ओपन वोटिंग होगी

चंडीगढ़ नगर निगम में इस बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट से) नहीं, बल्कि हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पिछले दिनों ही इस संबंध में मंजूरी दी थी। दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान पार्षदों की वोटिंग में क्रॉस वोटिंग के अंदेशे और बैलेट पेपर में गड़बड़ी की आशंका के चलते आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता हाथ ओपन वोटिंग की मांग कर रहे थे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान अक्सर क्रॉस वोटिंग देखने को मिलती आई है। जिससे किसी पार्टी के लिए बाजी किसी भी वक्त पलट जाती है.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बारे में

मालूम रहे कि, चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। इस चुनाव में जनता वोट नहीं करती है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षद इस चुनाव में वोट डालते हैं। मेयर चुनाव में मौजूदा सांसद का वोट भी पड़ता है। मौजूदा समय में मेयर चुनाव के लिए सांसद के एक वोट के अलावा कुल 35 पार्षदों के वोट हैं। इस समय बीजेपी के पास अपना सांसद नहीं है। जबकि कांग्रेस के पास सांसद के वोट की ताकत है। इससे पहले जब किरण खेर चंडीगढ़ की सांसद थीं तो वह बीजेपी के लिए वोट करती थीं।

पिछले चुनाव में BJP ने मेयर बनाया

चंडीगढ़ में पिछला मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था। जिसमें कम नंबर होने के बावजूद बीजेपी अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। दरअसल क्रॉस वोटिंग से बीजेपी को जीत मिली थी। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद बीजेपी के पास नहीं आया था। AAP गठबंधन के साथ इन दोनों पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस से जसबीर सिंह बंटी सीनियर डिप्टी मेयर और तरुणा मेहता डिप्टी मेयर बनी थीं।