AAP ने चंडीगढ़ के अपने पार्षदों को पंजाब शिफ्ट किया; मगर 1 पार्षद के गायब होने की खबर, अभी BJP vs विपक्ष के पास 18-18 वोट

Chandigarh Mayor Chunav 2026 AAP Councillors Congress Alliance

Chandigarh Mayor Chunav 2026 AAP Councillors Congress Alliance

Chandigarh Mayor Chunav 2026: चंडीगढ़ मेयर चुनाव हर बार ही खास चर्चा में रहता है। इस बार भी माहौल कुछ ऐसा ही बना हुआ है। बीजेपी vs विपक्ष के बीच मुक़ाबला बेहद रोचक है। जीत के लिए जोड़-तोड़ का खेला आखिरी समय तक जारी है। दरअसल मेयर चुनाव के लिए आज नामांकन का दिन है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन का समय तय है। नामांकन के लिए यह एक ही आखिरी दिन होगा। लेकिन अब तक किसी भी पार्टी ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

वहीं इस बीच खबर आ रही है कि आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ के अपने पार्षदों को पंजाब शिफ्ट कर दिया है। ताकि बीजेपी उसके पार्षदों को तोड़ न पाये। पार्षदों को सीधे 29 जनवरी को सुबह वोटिंग के लिए नगर निगम आने को कहा गया है। हालांकि इसी बीच आप के 1 पार्षद के गायब होने की खबर भी मिल रही है। जिस पर आधिकारिक तौर पर अभी कुछ जानकारी नहीं मिल पाई है। फिलहाल चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर शहर का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और अपनी जीत तय करने के लिए सियासी दांवपेंच का खेल जारी है।

आप-कांग्रेस गठबंधन पर बात बन सकती!

दूसरी तरफ पिछली बार की तरह इस बार भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन पर विचार चल रहा है। बैठकों का दौर लगातार जारी है। आज जब नामांकन का दिन है तो इससे पहले भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की बैठक हो रही है। रिपोर्ट्स की माने तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लक्की का कहना है कि गठबंधन पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है। बातचीत चल रही है। लक्की ने कहा है कि आज शाम 5 बजे के पहले तक तस्वीर क्लियर हो जाएगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस बीच यह भी कहा कि आप-कांग्रेस ने पिछला मेयर चुनाव साथ लड़ा था।

अभी BJP vs विपक्ष के पास 18-18 वोट

चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर अब तक की जो तस्वीर है, उसके हिसाब से अभी BJP vs विपक्ष के पास 18-18 वोट हैं। यानि इस बार बराबरी में खेल फंसा हुआ है और मुकाबला रोचक बन गया है। अगर आप और कांग्रेस में गठबंधन हो जाता है तो बीजेपी और विपक्ष के पास बराबर 18-18 वोट होंगे। ऐसे में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। जीत के लिए किसी भी पक्ष को 19 वोट चाहिए। हालांकि बीजेपी की तरफ से दावा किया जा रहा है कि मेयर तो उसी का बनेगा। यानि किसी भी पक्ष को केवल एक और पार्षद के वोट की जरूरत है। बीजेपी इसके लिए पुरजोर मशक्कत में लगी हुई है।

AAP के 2 पार्षद टूट चुके

गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी से 2 महिला पार्षदों के बीजेपी में आने से बीजेपी के पार्षदों की संख्या 18 हो गई है। पहले पार्टी के पास पार्षदों की संख्या 16 थी। मसलन बीजेपी ने अपनी जीत सुनिक्षित करने की तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर दी थी। वहीं आम आदमी पार्टी से 2 पार्षदों के टूटने के बाद इस समय AAP के पास पार्षदों की संख्या 11 रह गई है। जो कि पहले 13 थी। इसके अलावा कांग्रेस के पास कुल पार्षदों की संख्या इस समय 6 है। साथ ही कांग्रेस के पास एक वोट सांसद मनीष तिवारी का भी है।

इस बार ओपन वोटिंग होगी

चंडीगढ़ नगर निगम में इस बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट से) नहीं, बल्कि हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पिछले दिनों ही इस संबंध में मंजूरी दी थी। दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान पार्षदों की वोटिंग में क्रॉस वोटिंग के अंदेशे और बैलेट पेपर में गड़बड़ी की आशंका के चलते आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता हाथ ओपन वोटिंग की मांग कर रहे थे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान अक्सर क्रॉस वोटिंग देखने को मिलती आई है। जिससे किसी पार्टी के लिए बाजी किसी भी वक्त पलट जाती है.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बारे में

मालूम रहे कि, चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। इस चुनाव में जनता वोट नहीं करती है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षद इस चुनाव में वोट डालते हैं। मेयर चुनाव में मौजूदा सांसद का वोट भी पड़ता है। मौजूदा समय में मेयर चुनाव के लिए सांसद के एक वोट के अलावा कुल 35 पार्षदों के वोट हैं। इस समय बीजेपी के पास अपना सांसद नहीं है। जबकि कांग्रेस के पास सांसद के वोट की ताकत है। इससे पहले जब किरण खेर चंडीगढ़ की सांसद थीं तो वह बीजेपी के लिए वोट करती थीं।

पिछले चुनाव में BJP ने मेयर बनाया

चंडीगढ़ में पिछला मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था। जिसमें कम नंबर होने के बावजूद बीजेपी अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। दरअसल क्रॉस वोटिंग से बीजेपी को जीत मिली थी। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद बीजेपी के पास नहीं आया था। AAP गठबंधन के साथ इन दोनों पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस से जसबीर सिंह बंटी सीनियर डिप्टी मेयर और तरुणा मेहता डिप्टी मेयर बनी थीं।