AAP से योगेश ढींगरा चंडीगढ़ मेयर उम्मीदवार; जानिए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कौन? कांग्रेस से गठबंधन नहीं
AAP Announced Candidates For Chandigarh Mayor Election 2026 Breaking
Chandigarh Mayor Chunav 2026: कांग्रेस के साथ गठबंधन पर बात न बन पाने के बाद आम आदमी पार्टी ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर इन तीनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। AAP ने मेयर पद के लिए वार्ड नंबर-25 से पार्षद योगेश ढींगरा को उम्मीदवार घोषित किया है। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए वार्ड नंबर-29 से पार्षद मुन्नवर ख़ान को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह से डिप्टी मेयर पद के लिए वार्ड नंबर-1 से पार्षद जसविंदर कौर को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इधर कांग्रेस ने AAP से पहले ही तीनों पदों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे।
AAP ने कांग्रेस-बीजेपी को एक बताया
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में अकेले उतरने के साथ ही आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर कसके निशाना साधा है। यह आम आदमी पार्टी का कांग्रेस पर एक तरह से बड़ा और सीधा हमला है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस का बीजेपी के साथ पहले से ही गठबंधन है। आप नेता जरनैल सिंह ने सोशल मीडिया पर प्लेटफार्म X पर किए एक पोस्ट में लिखा, ''आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ में मेयर चुनाव अकेले लड़ेगी, जबकि कांग्रेस और बीजेपी मिलकर अपना गठबंधन जारी रखेंगे"।

वहीं कुछ इसी तरह का बयान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी कांग्रेस को लेकर दिया है। अनुराग ढांडा ने X पर लिखा, ''कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी का ना कहीं कोई गठबंधन है, न कोई गठबंधन हो सकता है। कांग्रेस ने बीजेपी के साथ मिलकर इस देश को लूटा है। देश को लूटने वाली इन दोनों पार्टियों के खिलाफ AAP ही आम आदमी के संघर्ष की असली आवाज़ है।'' यानि ढांडा ने कांग्रेस को देश लूटने वाला बताया है।
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BJP को रोक पाने के लिए AAP के पास नंबर नहीं
इधर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी ने भी आम आदमी पार्टी पर बड़ा निशाना साधा है। लकी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के अंदर आपस में ही बिखराव है और पार्टी के पार्षद एकजुट नहीं हैं। लकी ने कहा कि पहले ही आप के 2 पार्षद टूटकर बीजेपी में जा चुके हैं और अभी पंजाब भेजे गए आप के पार्षदों में से भी 2 पार्षद इधर-उधर हैं. ऐसे में आम आदमी पार्टी के पास बीजेपी को मेयर पद पर जीत से रोकने के लिए पर्याप्त नंबर नहीं हैं। इसलिए हारी हुई बाजी के साथ जाने और लड़ने से क्या फायदा है।
वहीं लकी ने कहा कि यह सच है कि आप के साथ गठबंधन की बात चल रही थी लेकिन हमारे पार्षद भी इसके लिए राजी नहीं थे। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे सभी 6 पार्षद एकसाथ हैं और मजबूती से एकजुट हैं। इसलिए हम अलग और अकेले ही मेयर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। साथ ही आने वाले समय में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए भी कांग्रेस पूरी तरह से तैयारी कर रही है और अकेले ही चुनाव लड़ने उतरेगी। लकी ने दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस में और लोग जुड़ेंगे और पार्टी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
अभी किस पार्टी के पास कितने पार्षद?
गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी से 2 महिला पार्षदों के बीजेपी में आने से बीजेपी के पार्षदों की संख्या अभी 18 है। पहले पार्टी के पास पार्षदों की संख्या 16 थी। मसलन बीजेपी ने अपनी जीत सुनिक्षित करने की तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर दी थी। वहीं आम आदमी पार्टी से 2 पार्षदों के टूटने के बाद इस समय AAP के पास पार्षदों की संख्या 11 रह गई है। जो कि पहले 13 थी। इसके अलावा कांग्रेस के पास कुल पार्षदों की संख्या इस समय 6 है। साथ ही कांग्रेस के पास एक वोट चंडीगढ़ के वर्तमान सांसद मनीष तिवारी का भी है।
इस बार ओपन वोटिंग होगी
चंडीगढ़ नगर निगम में इस बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट से) नहीं, बल्कि हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पिछले दिनों ही इस संबंध में मंजूरी दी थी। दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान पार्षदों की वोटिंग में क्रॉस वोटिंग के अंदेशे और बैलेट पेपर में गड़बड़ी की आशंका के चलते आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता हाथ ओपन वोटिंग की मांग कर रहे थे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान अक्सर क्रॉस वोटिंग देखने को मिलती आई है। जिससे किसी पार्टी के लिए बाजी किसी भी वक्त पलट जाती है.
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बारे में
मालूम रहे कि, चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। इस चुनाव में जनता वोट नहीं करती है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षद इस चुनाव में वोट डालते हैं। मेयर चुनाव में मौजूदा सांसद का वोट भी पड़ता है। मौजूदा समय में मेयर चुनाव के लिए सांसद के एक वोट के अलावा कुल 35 पार्षदों के वोट हैं। इस समय बीजेपी के पास अपना सांसद नहीं है। जबकि कांग्रेस के पास सांसद के वोट की ताकत है। इससे पहले जब किरण खेर चंडीगढ़ की सांसद थीं तो वह बीजेपी के लिए वोट करती थीं।
पिछले चुनाव में BJP ने मेयर बनाया
चंडीगढ़ में पिछला मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था। जिसमें कम नंबर होने के बावजूद बीजेपी अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। दरअसल क्रॉस वोटिंग से बीजेपी को जीत मिली थी। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद बीजेपी के पास नहीं आया था। AAP गठबंधन के साथ इन दोनों पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस से जसबीर सिंह बंटी सीनियर डिप्टी मेयर और तरुणा मेहता डिप्टी मेयर बनी थीं।