भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच एसेट-लायबिलिटी का ब्योरा देने का फैसला, सदन में दिनभर हंगामा
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नगर निगम की जनरल हाउस बैठक इस बार बड़े फैसलों और तीखे राजनीतिक टकराव के कारण सुर्खियों में रही। भाजपा पार्षद कंवरजीत सिंह राणा ने सदन में निगम के भीतर कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी बिना पैसा लिए ठेकेदारों के बिल पास नहीं कर रहे। उन्होंने दावा किया कि कई अधिकारियों ने न्यू चंडीगढ़ में फार्महाउस तक बना रखे हैं।
राणा ने अधिकारियों और कर्मचारियों से एसेट और लायबिलिटी का ब्योरा लेने की मांग की, ताकि उनकी संपत्ति का खुलासा हो सके। मेयर सौरव जोशी ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि संबंधित विवरण एकत्र कर जनरल हाउस के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होगा कि कहीं आय से अधिक संपत्ति तो अर्जित नहीं की गई।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि यह रिपोर्ट केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वित्त विभाग को भी भेजी जाएगी। मेयर ने इस पर सहमति जताई। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षद स्वयं भी अपना एसेट-लायबिलिटी ब्योरा देंगे। अधिकांश पार्षदों ने समर्थन किया, हालांकि कुछ ने झिझक भी दिखाई।
मांगों-शिकायतों में आधा दिन
बैठक दोपहर 2:13 बजे तक एजेंडा पर आगे नहीं बढ़ सकी। पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याएं उठाते रहे। आयुक्त ने कहा कि सभी को पूरा अवसर मिलेगा और आवश्यकता पड़ी तो बैठक देर रात तक चलेगी।
सेक्टर-24 पानी मामला: जेई-एसडीओ निलंबित
पानी की सप्लाई को लेकर शिकायत पर आयुक्त ने संबंधित जेई और एसडीओ को निलंबित करने के आदेश दिए। इसे प्रशासन की सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।
गौशाला पर कमेटी
आप पार्षदों ने गौशाला प्रबंधन और गौ मृत्यु के मामलों पर स्थायी कमेटी गठित करने की मांग की। मेयर और आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि जल्द कमेटी बनाई जाएगी और पार्षदों को इसमें शामिल किया जाएगा।
बैनर को लेकर टकराव
एक बैनर— “जिसने गठबंधन तुड़वाया, वो जरनैल है”— को लेकर कांग्रेस और आप पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा पार्षदों ने भी इस पर तंज कसा। आप पार्षदों ने कहा कि इस मुद्दे पर सवाल उनसे नहीं, सांसद से पूछा जाए। मेयर ने हस्तक्षेप कर व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने की सलाह दी।
पानी पर बोतलें लहराईं
डिप्टी मेयर सुमन शर्मा ने दावा किया कि कॉलोनियों में पानी की स्थिति सुधरी है। इस पर कांग्रेस पार्षद सचिन गालव साफ और गंदे पानी की बोतलें लेकर सदन में पहुंचे। आप पार्षद जसविंदर कौर ने भी कटाक्ष किया। कई सदस्य वेल तक पहुंच गए और माहौल गरमा गया।
सुमन शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि उन पर आरोप न लगाए जाएं, अन्यथा कई बातें सामने आ जाएंगी। आप पार्षदों ने याद दिलाया कि पूर्व में वे स्वयं इसी मुद्दे पर प्रदर्शन करती थीं।
अध्यक्षता में बदलाव
बैठक की अध्यक्षता मेयर सौरव जोशी ने की। उनके बाहर जाने पर सीनियर डिप्टी मेयर जसमानप्रीत सिंह और बाद में डिप्टी मेयर सुमन शर्मा ने कार्यवाही संभाली।
लगातार हंगामे, भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक तल्खी के बीच यह स्पष्ट हो गया कि नगर निगम की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक गरमाने वाली है।